NEET पेपर लीक के बीच NTA में बड़ा बदलाव, जानें अब तक कितने गिरफ्तार और क्या हो चुकी कार्रवाई?
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं. यह तैनाती DoPT यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है.
Edited By : Versha Singh|Updated: May 17, 2026 06:52
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हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
एनटीए में नई नियुक्तियाँ
केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में चार अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
इन नियुक्तियों में 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं।
यह तैनाती DoPT (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है।
नियुक्तियों का संदर्भ
ये नियुक्तियाँ नीट पेपर लीक विवाद के बीच हुई हैं।
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं. यह तैनाती DoPT यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है.
कौन नियुक्त हुआ जॉइंट सैकेट्ररी?
पहली अधिकारी हैं अनुजा बापट. ये 1998 बैच की ISS यानी भारतीय सांख्यिकीय सेवा की अधिकारी हैं. दूसरी अधिकारी हैं रुचिता विज. ये 2004 बैच की IRS यानी भारतीय राजस्व सेवा (C&IT) की अधिकारी हैं.
कौन नियुक्त हुए जॉइंट डायरेक्टर?
दो अफसरों को NTA में जॉइंट डायरेक्टर पद पर भेजा गया है. यह कार्यभार सिविल सर्विसेज बोर्ड की नियुक्ति पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सौंपा है. पहले हैं आकाश जैन. वो IRS (IT) यानी इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स) के 2013 बैच के अधिकारी हैं. उन्हें 'लेटरल शिफ्ट' यानी एक सरकारी विभाग से दूसरे में भेजने के तरीके से NTA में जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है. उनका कार्यकाल 4 दिसंबर 2029 तक होगा.
वहीं, दूसरा नाम हैं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया. वो IA&AS यानी इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस के 2013 बैच के अधिकारी हैं. उन्हें भी लेटरल शिफ्ट पर NTA में जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है और उनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक होगा.
सीबीआई ने नीट पेपर लीक में अब तक क्या बताया?
जांच में यह भी सामने आया है कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चला रहे थे. यह नेटवर्क छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के आधार पर उन्हें निशाना बनाता था. कई जगहों पर सेमिनार आयोजित किए गए और पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवाओं को एजेंट बनाया गया.
जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं. कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाला है. फिलहाल उसे ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया और वहां से दिल्ली लाया गया.
सीबीआई ने बताया कि इस मामले में पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं, जबकि बाकी आरोपियों को भी ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है.
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में कई जगह छापेमारी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं. अब इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है.
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं. यह तैनाती DoPT यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है.
कौन नियुक्त हुआ जॉइंट सैकेट्ररी?
पहली अधिकारी हैं अनुजा बापट. ये 1998 बैच की ISS यानी भारतीय सांख्यिकीय सेवा की अधिकारी हैं. दूसरी अधिकारी हैं रुचिता विज. ये 2004 बैच की IRS यानी भारतीय राजस्व सेवा (C&IT) की अधिकारी हैं.
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कौन नियुक्त हुए जॉइंट डायरेक्टर?
दो अफसरों को NTA में जॉइंट डायरेक्टर पद पर भेजा गया है. यह कार्यभार सिविल सर्विसेज बोर्ड की नियुक्ति पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सौंपा है. पहले हैं आकाश जैन. वो IRS (IT) यानी इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स) के 2013 बैच के अधिकारी हैं. उन्हें ‘लेटरल शिफ्ट’ यानी एक सरकारी विभाग से दूसरे में भेजने के तरीके से NTA में जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है. उनका कार्यकाल 4 दिसंबर 2029 तक होगा.
वहीं, दूसरा नाम हैं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया. वो IA&AS यानी इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस के 2013 बैच के अधिकारी हैं. उन्हें भी लेटरल शिफ्ट पर NTA में जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है और उनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक होगा.
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सीबीआई ने नीट पेपर लीक में अब तक क्या बताया?
जांच में यह भी सामने आया है कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चला रहे थे. यह नेटवर्क छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के आधार पर उन्हें निशाना बनाता था. कई जगहों पर सेमिनार आयोजित किए गए और पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवाओं को एजेंट बनाया गया.
जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं. कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाला है. फिलहाल उसे ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया और वहां से दिल्ली लाया गया.
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सीबीआई ने बताया कि इस मामले में पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं, जबकि बाकी आरोपियों को भी ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है.
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में कई जगह छापेमारी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं. अब इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है.