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अब सुप्रीम कोर्ट के जज डी.वाई चंद्रचूड़ ने दी मीडिया को नसीहत बोले-जजाें को टारगेट करने की एक सीमा

नई दिल्ली: अब सुप्रीम कोर्ट के जज डी.वाई चंद्रचूड़ ने मीडिया को नसीहत दी है। एक मामले की सुनवाई के दौरान वह बोले जजाें को टारगेट करने की एक सीमा है। उन्होंने गुरुवार को जजों द्वारा मामलों की सुनवाई में देरी करने की खबरों पर नाराजगी व्यक्त की। "There is a limit to targeting judges": […]

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नई दिल्ली: अब सुप्रीम कोर्ट के जज डी.वाई चंद्रचूड़ ने मीडिया को नसीहत दी है। एक मामले की सुनवाई के दौरान वह बोले जजाें को टारगेट करने की एक सीमा है। उन्होंने गुरुवार को जजों द्वारा मामलों की सुनवाई में देरी करने की खबरों पर नाराजगी व्यक्त की।

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दरअसल, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ एक वकील द्वारा ईसाइयों पर हिंसा और हमलों से संबंधित एक मामले में सुनवाई कर रहे थे।  इस दौरान न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने समाचार में पढ़ा कि उनके द्वारा इस मामले को सुनवाई नहीं लिया जा रहा।

यह टालने की वजह 

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न्यायाधीश ने कहा, “हमें (न्यायाधीशों) ब्रेक दें। उन्हाेंने कहा मैं कोविड से ग्रसित था। इसलिए इस मामले को टाल दिया गया। लेकिन मैंने समाचार में पढ़ा कि न्यायाधीश इस मामले को सूचीबद्ध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा हमें टारगेट करने की एक सीमा है।”

जज नहीं बैठे थे 
बता दें कि उक्त मामले की 15 जुलाई को सुनवाई थी। लेकिन उस दिन जज नहीं बैठे थे। जिससे इस मामले की सुनवाई टाल दी गई।

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यह है याचिका

बैंगलोर डायोसीज के आर्कबिशप डॉ पीटर मचाडो द्वारा दायर याचिका में देश भर में ईसाई संस्थानों और पुजारियों पर हमलों की बढ़ती संख्या का आरोप लगाया गया है। याचिका में देश भर के विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा और भीड़ के हमलों को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही घृणा अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए शीर्ष अदालत के पहले के दिशानिर्देशों को लागू करने की मांग की गई है।

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विशेष जांच दल
याचिका में उन राज्यों के बाहर के अधिकारियों के साथ विशेष जांच दल स्थापित करने की मांग की गई है जहां प्राथमिकी दर्ज करने, आपराधिक जांच करने और कानून के अनुसार आपराधिक अपराधियों पर मुकदमा चलाने की घटनाएं होती हैं। इसने आगे निर्देश मांगा कि एसआईटी कानून के अनुसार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करें, जहां पीड़ितों के खिलाफ हमलावरों द्वारा झूठी काउंटर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

First published on: Oct 12, 2021 11:07 AM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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