Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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Navjot Singh Sidhu Controversies : कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ जब उन्हीं की पार्टी के नेताओं ने अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने की मांग की तो सिद्धू ने भी साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि अनुशासन सबके लिए होता है। इसका स्वरूप कुछ लोगों के लिए अलग और बाकी के लिए अलग नहीं हो सकता।
दरअसल, सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग इस आरोप में की जा रही थी कि वह अपनी अलग रैलियां कर रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब लोकसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं बचे हैं। हालांकि, नवजोत सिंह सिद्धू इस तरह के तेवर पहले भी दिखाते आए हैं और विवादित बयान भी देते आए हैं।
"कौड़ी-कौड़ी बिके हुए लोग, बरगद की बात करते हैं"
◆ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर दिखाए बागी तेवर@sherryontopp | #NavjotSinghSidhu | #Congress pic.twitter.com/gXYfCWEv1a
— News24 (@news24tvchannel) January 11, 2024
जब सिद्धू भाजपा में हुआ करते थे तब भी भाजपा और अकाली दल की गठबंधन सरकार पर तंज कसा करते थे। फिर जब कांग्रेस में शामिल हुए तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के लिए संकट बन गए थे। बीच में ये भी खबरें आई थीं कि सिद्धू आम आदमी पार्टी में भी जा सकते हैं।
साल 2021 में पंजाब के मुख्यमंत्री थे कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू थे प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष। सिद्धू ने एक बार तो यह कह दिया था कि अमरिंदर सिंह रोज झूठ बोलते हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिद्धू ने अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री से रिपोर्ट कार्ड मांग लिया था।
साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने इसकी निंदा तो की थी, लेकिन साथ में यह भी कहा था कि इसके लिए क्या पूरे देश (पाकिस्तान) को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? इस हमले में सीआरपीएप के 40 जवान शहीद हुए थे। सिद्धू को इसके लिए खूब आलोचना का सामना करना पड़ा था।
साल 2021 में गुरुपर्व के मौके पर सिद्धू पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब गए थे। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई बताया था। इसके लिए भी उनकी काफी आलोचना हुई थी। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं ने सिद्धू को निशाने पर लिया था।
अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सिद्धू बिहार के कटिहार में थे। यहां एक रैली में उन्होंने कह दिया था कि अगर मुसलमान एकजुट होकर मतदान करें तो मोदी सुलट जाएगा। इसी तरह उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि आए थे 2014 में मां गंगा के लाल बनके, जाओगे 2019 में राफेल के दलाल बनके।
क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू साल 1996 में इंग्लैंड टूर पर गई भारतीय टीम का हिस्सा थी। सिद्धू ओपनिंग बैट्समैन थे। लेकिन वह किसी कारण से टूर्नामेंट के बीच से भी भारत लौट आए थे। उन्होंने कमेटी को भी इसका कारण बताने से इनकार कर दिया था और हर एक्शन स्वीकार करने की बात कही थी। काफी समय बाद पता चला कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कुछ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।
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