Bharat Bandh: देशभर में कल होगी बड़ी हड़ताल, ये जरूरी सेवा रहेंगी प्रभावित; जानें क्या रहेगा खुला और क्या बंद?
20 मई को देशभर में बड़ा हड़ताल होने वाला है, जिसका सीधा असर जरूरी सेवाओं पर पड़ेगा. इस हड़ताल के पीछे क्या कारण है और कब तक यह जारी रहेगा आइए जानते हैं.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 19, 2026 15:35
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 19, 2026 15:35
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देश में हड़ताल. (Image: AI)
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Strike in India: देशभर में 20 मई को प्रस्तावित मेडिकल स्टोर हड़ताल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार और दवा नियामक एजेंसियों की ओर से साफ किया गया है कि कल यानी 20 मई को आम लोगों को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, वह आसानी से दवा खरीद सकेंगे. हालांकि, कई राज्यों के रिटेल फार्मेसी संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली है और मेडिकल स्टोर खुले रखने का फैसला किया है.
दरअसल, ऑनलाइन दवा बेचने वाली ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ यह हड़ताल की जा रही है. All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना सही जांच के दवाइयां बेची जा रही हैं, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं. इस हड़ताल में करीब 12.4 लाख से ज्यादा केमिस्ट बंद रहने की बात सामने आई थी, जिससे आम लोगों को दवाइयां खरीदने में दिक्कत हो सकती है.
केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि कई ई-फार्मेसी वेबसाइट्स बिना डॉक्टर की सही जांच के ही दवाइयां दे रही हैं. कई बार पुराने प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल होता है और अब AI तकनीक के जरिए नकली प्रिस्क्रिप्शन बनाकर भी दवाइयां खरीदी जा सकती हैं, इससे एंटीबायोटिक का गलत उपयोग और नशे की आदत डालने वाली दवाओं का दुरुपयोग तेजी से बढ़ सकता है, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है.
छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा असर
आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाइयां बेचने से छोटे दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. AIOCD का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो कई छोटे केमिस्ट दुकानें बंद हो सकती हैं और इससे दवाइयों की उपलब्धता पर भी असर पड़ेगा. इस हड़ताल को लेकर AIOCD ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों की अनियमित कार्यप्रणाली से न सिर्फ छोटे केमिस्टों का कारोबार पर असर पड़ रहा है.
केमिस्टों की मुख्य मांगें
कोविड-19 के दौरान लागू अस्थायी नियम G.S.R. 220(E) को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि इसका अब गलत फायदा उठाया जा रहा है.
ई-फार्मेसी से जुड़ा नोटिफिकेशन G.S.R. 817(E) रद्द किया जाए, ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके.
ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाई जाए, जिससे बाजार में संतुलन बना रहे और छोटे दुकानदारों को नुकसान न हो.
दवाइयों की बिक्री के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और गलत इस्तेमाल पर रोक लगे.
क्या खुला रहेगा और क्या बंद
दवाइयां और मेडिकल सुविधाएं:
20 मई को देशभर में केमिस्ट वालों ने भी हड़ताल का ऐलान किया है, इस कारण कई दवाइयों की दुकानें बंद रह सकती हैं. लेकिन आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (अस्पताल और मेडिकल स्टोर) खुली रहेंगी. दिल्ली में कई मेडिकल स्टोर खुली रह सकती हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि कई दुकानदारों ने इस हड़ताल से दूरी बनाई हुई है. इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, देश के कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी. हालांकि, हड़ताल कर रहे लोगों ने साफ कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं होती है, तो हड़ताल बढ़ भी सकती है.
बाजार खुले रहेंगे या बंद?
दिल्ली के मुख्य बाजार, मॉल और व्यावसायिक संस्थान अपने नियमित समय पर खुले रहेंगे, आप वहां किसी भी वक्त आ जा सकते हैं.
परिवहन (Auto/Taxi):
हालांकि, 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों की हड़ताल के कारण आवागमन प्रभावित हो सकता है. हालांकि, दिल्ली मेट्रो और बसें सामान्य रूप से चलेंगी.
Strike in India: देशभर में 20 मई को प्रस्तावित मेडिकल स्टोर हड़ताल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार और दवा नियामक एजेंसियों की ओर से साफ किया गया है कि कल यानी 20 मई को आम लोगों को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, वह आसानी से दवा खरीद सकेंगे. हालांकि, कई राज्यों के रिटेल फार्मेसी संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली है और मेडिकल स्टोर खुले रखने का फैसला किया है.
दरअसल, ऑनलाइन दवा बेचने वाली ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ यह हड़ताल की जा रही है. All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना सही जांच के दवाइयां बेची जा रही हैं, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं. इस हड़ताल में करीब 12.4 लाख से ज्यादा केमिस्ट बंद रहने की बात सामने आई थी, जिससे आम लोगों को दवाइयां खरीदने में दिक्कत हो सकती है.
केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि कई ई-फार्मेसी वेबसाइट्स बिना डॉक्टर की सही जांच के ही दवाइयां दे रही हैं. कई बार पुराने प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल होता है और अब AI तकनीक के जरिए नकली प्रिस्क्रिप्शन बनाकर भी दवाइयां खरीदी जा सकती हैं, इससे एंटीबायोटिक का गलत उपयोग और नशे की आदत डालने वाली दवाओं का दुरुपयोग तेजी से बढ़ सकता है, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है.
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छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा असर
आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाइयां बेचने से छोटे दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. AIOCD का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो कई छोटे केमिस्ट दुकानें बंद हो सकती हैं और इससे दवाइयों की उपलब्धता पर भी असर पड़ेगा. इस हड़ताल को लेकर AIOCD ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों की अनियमित कार्यप्रणाली से न सिर्फ छोटे केमिस्टों का कारोबार पर असर पड़ रहा है.
केमिस्टों की मुख्य मांगें
कोविड-19 के दौरान लागू अस्थायी नियम G.S.R. 220(E) को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि इसका अब गलत फायदा उठाया जा रहा है.
ई-फार्मेसी से जुड़ा नोटिफिकेशन G.S.R. 817(E) रद्द किया जाए, ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके.
ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाई जाए, जिससे बाजार में संतुलन बना रहे और छोटे दुकानदारों को नुकसान न हो.
दवाइयों की बिक्री के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और गलत इस्तेमाल पर रोक लगे.
क्या खुला रहेगा और क्या बंद
दवाइयां और मेडिकल सुविधाएं:
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20 मई को देशभर में केमिस्ट वालों ने भी हड़ताल का ऐलान किया है, इस कारण कई दवाइयों की दुकानें बंद रह सकती हैं. लेकिन आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (अस्पताल और मेडिकल स्टोर) खुली रहेंगी. दिल्ली में कई मेडिकल स्टोर खुली रह सकती हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि कई दुकानदारों ने इस हड़ताल से दूरी बनाई हुई है. इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, देश के कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी. हालांकि, हड़ताल कर रहे लोगों ने साफ कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं होती है, तो हड़ताल बढ़ भी सकती है.
बाजार खुले रहेंगे या बंद?
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दिल्ली के मुख्य बाजार, मॉल और व्यावसायिक संस्थान अपने नियमित समय पर खुले रहेंगे, आप वहां किसी भी वक्त आ जा सकते हैं.
परिवहन (Auto/Taxi):
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हालांकि, 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों की हड़ताल के कारण आवागमन प्रभावित हो सकता है. हालांकि, दिल्ली मेट्रो और बसें सामान्य रूप से चलेंगी.