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‘काली’ मौत मंडरा रही थी, हिम्मत जुटाकर खिड़की से कूदे, लेकिन…घायलों की जुबानी कुवैत अग्निकांड की आंखोंदेखी

Kuwait Fire Tragedy: कुवैत में हुए अग्निकांड से जिंदा बचकर निकले लोगों ने हादसे की आंखोंदेखी सुनाई है, जो इतनी भयावह है कि दिल दहल जाएगा। आग में झुलसे लोगों ने बताया कि आग कैसे लगी और उन्होंने कितना खौफनाक मंजर आंखों से देखा?

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Kuwait Fire Tragedy Inside Story: आग ही आग थी, काला धुंआ मौत बनकर मंडरा रहा था। सभी जान बचाने को इधर उधर भाग रहे थे, चिल्ला रहे थे। बाहर निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। आंखों के आगे मौत थी, अचानक खिड़की नजर आ गई। शीशा तोड़ा और नीचे कूद गए। किस्मत से जान बच गई, लेकिन अपने साथियों को हम बचा नहीं पाए। जेहन में वो खौफनाक मंजर घूम रहा है। सुना था, लेकिन पहली बार आंखों के सामने मौत को देखा, लेकिन शायद अभी हमारी मौत नहीं आई थी, यह कहते हुए चिन्नाप्पन विश्वनाथन फूट-फूट कर रोने लगे। कुवैत में 6 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग से बचकर निकले लोगों ने मौत से सामना करने का भयावह अनुभव बताया तो दिल दहल गया। वे अपने 40 साथियों को खोने के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।

 

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सुबह के करीब साढ़े 4 बजे की घटना

कुवैत के दक्षिणी अहमदी गवर्नरेट के मंगाफ शहर में लगी आग से चमत्कारिक रूप से बचे चेन्नई निवासी चिन्नाप्पन विश्वनाथन ने बताया कि सुबह के करीब 4.30 बजे होंगे। मैं गहरी नींद में था, लेकिन अचानक हुई हलचल से मेरी नींद खुल गई। चारों ओर बहुत धुंआ था, जिससे सांस लेने में परेशानी हुई। लोग घबराकर भाग रहे थे। कई लोगों का दम घुट रहा था। हमने बाहर न जाने का फैसला लिया और अपने कमरे में ही रहे। जब अग्निशमन अधिकारी आए, तभी हमने दरवाजा खोला। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी। पहले तो हम समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है? बहुत शोर और अफरा-तफरी मची हुई थी। कुछ लोग हॉल रूम में चले गए और वापस नहीं आ सके। हमने तब तक बाहर नहीं जाने का फैसला किया, जब तक कि अधिकारी हमें खोजने नहीं आए।

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AC बंद करके, शीशे तोड़ बचाई जान

चिन्नप्पन ने बताया कि वह कुवैत में टेक्नीशियन के रूप में काम करता है। संतोष कुमार अभी भी सदमे में है। नेपाल के 39 वर्षीय व्यक्ति ने एक महीने पहले ही स्टोरकीपर के तौर पर काम करना शुरू किया था। वह पहली मंजिल पर सो रहा था और खिड़की का शीशा तोड़कर भाग निकला। मैंने कई बार चिल्लाते हुए सुना कि इमारत में आग लग गई है। हम तीन या चार लोगों ने मिलकर खिड़की का शीशा तोड़ा और ग्राउंड फ्लोर पर कूद गए। हम भाग्यशाली थे कि हम अपनी जान बचाकर भाग निकले।

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29 वर्षीय राजेंद्रन मरिदुरई, जो थेनकासी में रहते हैं, ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई। वे और उनके साथी, जो तीसरी मंजिल पर रहते थे, उन्होंने एयर कंडीशनर बंद कर दिया और अंदर ही रहे। कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन वे बेहोश हो गए। कुछ लोग अपने कमरे बंद करके अंदर ही रहे। 2 लोग चौथी मंजिल से कूद गए और उनकी जान चली गई। हमने एयर कंडीशनर बंद कर दिया, बाहर की हवा के लिए शीशा तोड़ा तो जान बची।

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First published on: Jun 13, 2024 10:55 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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