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इधर 70000 सैलरी पर गवर्नमेंट जॉब, उधर मेडिकल PG की पढ़ाई, कर्नाटक MLA की भतीजी नौकरी से बर्खास्त

Dr. Ankita Yaragal: कर्नाटक से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, यहां के एक एमएलए उमेश मेती की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल पीजी की पढ़ाई करते हुए सरकारी नौकरी से हर महीने 70 हजार की सैलरी उठाई, लेकिन ड्यूटी से गायब रहीं.

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Karnataka MLA’s Niece Fired From Govt Job: कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी ‘नम्मा क्लिनिक’ में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर को ड्यूटी से हटा दिया गया है. अधिकारियों का आरोप है कि वह अपनी सरकारी पोस्टिंग से गैर-हाजिर रहकर पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की पढ़ाई कर रही थीं. कांग्रेस विधायक उमेश मेती की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल को मेडिकल ऑफिसर के तौर पर 70,000 रुपये से ज्यादा सैलरी या मानदेय मिल रहा था. अधिकारियों का आरोप है कि वो मार्च 2026 से कई दिनों तक क्लिनिक से गैर-हाजिर रहीं और साथ ही एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में अपना पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स भी करती रहीं.

जिला पंचायत ने जारी किया नोटिस

ये मामला तब सामने आया जब उनके लंबे समय तक गैर-हाजिर रहने के कारण नम्मा क्लिनिक में कोई मेडिकल ऑफिसर नहीं बचा. इसके बाद बागलकोट जिला पंचायत के सीईओ गजानन बाले ने डॉ. अंकिता यारगल को नोटिस जारी कर उनकी गैर-हाजिरी और कथित तौर पर बिना इजाजत दोहरी भूमिका निभाने के बारे में सफाई मांगी.

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पेश नहीं हुईं डॉक्टर अंकिता

उन्हें बुधवार, 16 सितंबर 2026 को शुरुआती जांच के लिए अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया था. हालांकि, जांच में शामिल होने के लिए एस. निजलिंगप्पा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से इजाजत मिलने के बावजूद वो कार्यवाही में शामिल नहीं हुईं. अधिकारियों ने अब उन्हें 18 सितंबर को जरूरी कागजात और लिखित सफाई के साथ जिला पंचायत CEO के सामने पेश होने का निर्देश दिया है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर वो पेश नहीं होती हैं, तो उनके जवाब के बिना भी कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सकती है.

सैलरी की वसूली और आगे की कार्रवाई मुमकिन

जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजकुमार यारगल ने डॉ. अंकिता यारगल को मेडिकल ऑफिसर के पद से हटा दिया है. अधिकारियों ने ये भी संकेत दिया है कि बिना इजाजत दोहरा रोल निभाने के दौरान मिली सैलरी या मानदेय को लागू नियमों के तहत वसूला जा सकता है. अगर आरोप साबित होते हैं, तो आगे अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है. अधिकारियों ने ये भी संकेत दिया है कि प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की संभावना को देखते हुए मामले को कर्नाटक मेडिकल काउंसिल और नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा जा सकता है.

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पिता ने किया बचाव

इस बीच डॉ. अंकिता यारगल के पिता राजकुमार यारगल ने कथित तौर पर इस बात से इनकार किया है कि एमडी कोर्स में शामिल होने के बाद उन्हें सैलरी मिली थी. उनकी नियुक्ति में भी कथित तौर पर उनका रोल था. आरोप अभी शुरुआती जांच के दायरे में हैं और अभी तक कोई अंतिम नतीजा नहीं निकला है.

First published on: Sep 16, 2026 06:35 PM

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