BRICS Summit के लिए दिल्ली आएंगे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन, मिडिल ईस्ट संकट के बीच क्यों खास होगी ये यात्रा?

ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था. उसी वर्ष मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात भी इस ग्रुप का हिस्सा बने, जबकि इंडोनेशिया ने 2025 में सदस्यता हासिल की. इसके साथ ही BRICS में शामिल सभी पूर्ण सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 11 हो गई थी.

BRICS Summit Iran

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे. ईरानी सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भारत यात्रा ऐसे समय होने जा रही है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बना हुआ है और होर्मुज विवाद के बाद ईरान की भूमिका अब वैश्विक रणनीति और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो गई है. आपको बता दें कि भारत इस बार BRICS 2026 की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किया जा रहा है.

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क्यों खास होगी पेजेश्कियन की यात्रा?

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का सम्मेलन में शामिल होना भारत और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंध के लिहाज से अहम माना जा रहा है. गौरतलब है कि ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था. उसी वर्ष मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात भी इस ग्रुप का हिस्सा बने, जबकि इंडोनेशिया ने 2025 में सदस्यता हासिल की. इसके साथ ही BRICS में शामिल सभी पूर्ण सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 11 हो गई थी.

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ईरान ने भारत की भूमिका का किया समर्थन

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की यात्रा से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जून में भारत आए थे. उन्होंने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था. नई दिल्ली में बातचीत के दौरान अराघची ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था. उन्होंने कहा था कि मौजूदा संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और बातचीत के जरिए समझौता ही आगे बढ़ने का रास्ता है. उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान, भारत की किसी भी क्रिएटिव भूमिका का स्वागत करेगा.

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मिडिल ईस्ट संकट के बीच अहम होगी मुलाकात

गौरतलब है कि ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण खाड़ी में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. ऐसे में दिल्ली में BRICS देशों के नेताओं की मौजूदगी के दौरान ईरान की भागीदारी सिर्फ आर्थिक और बहुपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रहने की संभावना है. भारत के लिए भी यह अवसर मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर अपनी कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने का हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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