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ऑपेरशन सिंदूर की बरसी के बाद भारतीय सेना का बड़ा युद्धाभ्यास, 11 दिन चलेगा और नाम है प्रगति 2026

Indian Army War Practice: मेघायल में भारतीय सेना की वॉर प्रैक्टिस होने जा रही है, जो 11 दिन चलेगी और इसमें 10 से ज्यादा देशों की सेना हिस्सा लेगी। सेना के एक अधिकारी ने इस वॉर प्रैक्टिस के बारे में डिटेल में बताया है, आइए जानते हैं...

ऑपेरशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के बाद इंडियन आर्मी सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है, जिसका मकसद दुश्मन को यह बताना है कि हम शांत हैं तो हमे कमजोर मत समझ लेना। अगर ललकारोगे तो तुम्हे नेस्तनाबूद कर देंगे। इंडियन आर्मी के नेतृत्व में नॉर्थ ईस्ट में मेघालय के उमरई में जॉइंट ट्रेनिंग नोड पर सैन्य अभ्यास का आयोजन होने जा रहा है, जिसका नाम प्रगति 2026 रखा गया है। यह अभ्यास 20 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा। 10 से ज्यादा देशों की सेना हिस्सा लेगी।

क्या है इस युद्ध अभ्यास का नाम और मकसद?

वो कहते है न कि अगर आपका पड़ोसी बढ़िया हो और अगर आपका मित्र सच्चा हो तो कठिन से कठिन लड़ाई भी आसान हो जाती है। यही वजह है कि इस वार एक्सरसाइज का नाम Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region रखा गया है। आसान शब्दों मे बताएं तो इसका मतलब भारतीय महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सेनाओं का साझेदारी, विकास और परिवर्तन के लिए सहयोग करने से लेकर को है।

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इंडियन आर्मी के एक लेफ्टिनेंट जनरल ने न्यूज 24 के साथ बातचीत में कहा कि यह वार एक्सरसाइज इंडिया और उसके नेबर (पड़ोसी) के साथ, मित्र देशों की थल सेना के साथ बिजनेस हेल्प, युद्ध की रणनीति को एक दूसरे के साथ साझा करने को लेकर है। इसमे भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सेनाएं शामिल होने जा रही हैं।

युद्ध अभ्यास के लिए मेघालय ही क्यों चुना गया?

मेघालय के उमरई का जॉइंट ट्रेनिंग नोड इस अभ्यास के लिए बेहद उपयुक्त जगह है। यहां का सुहाना मौसम, लहरदार पहाड़ी इलाका और घने जंगल ट्रेनिंग के लिए आदर्श परिस्थितियां उपलब्ध कराते हैं। जॉइंट ट्रेनिंग नोड उमरई में मॉडर्न ट्रेनिंग फैसिलिटीज उपलब्ध हैं। यहां जॉइंट वॉरफेयर सेंटर, बैटल ऑब्स्टेकल कोर्स, रिफ्लेक्स शूटिंग रेंज, स्मॉल आर्म्स फायरिंग रेंज, हेलीबोर्न ऑपरेशंस ट्रेनिंग एरिया, जंगल लेन शूटिंग एरिया, एंड्योरेंस ट्रेकिंग लेन और वैलिडेशन एक्सरसाइज ट्रेनिंग एरिया जैसी सुविधाएं हैं।

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युद्ध अभ्यास में जवानों को दी जाएंगी ये ट्रेनिंग

सैनिक कमांड पोस्ट प्रक्रियाओं, बाधाओं को पार करने, रूम इंटरवेंशन, फायर एंड मूव ड्रिल्स, जंगल ऑपरेशंस, हेलीबोर्न ड्रिल्स और कैजुअल्टी इवैक्यूएशन जैसी ट्रेनिंग ले सकेंगे। अभ्यास के अंतिम चरण में 72 घंटे की बड़ी फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज होगी। इसमें सभी देशों के सैनिक मिलकर अपनी सीख को व्यवहार में उतारेंगे और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करेंगे।

इंडियन आर्मी इस वार एक्सरसाइज के जरिए हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपने मित्र देशों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताती है। प्रगति 2026 न सिर्फ सैन्य क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को भी नई दिशा देगा।

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First published on: May 15, 2026 02:56 PM

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