Modi Cabinet Reshuffle: देश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा के बाद अब मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. इस फेरबदल में सरकार के कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जिन्हें संगठन में नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
नई टीम का ऐलान कर सकते हैं नितिन नबीन
दरअसल, जनवरी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने वाले नितिन नबीन इस महीने के अंत तक अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं. संगठन और सरकार में बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ही कैबिनेट में बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है. हाल ही में बीजेपी ने पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा और दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को कमान सौंपी गई है, जबकि दिसंबर 2025 में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनाया जा चुका है.
राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव 18 को
इस बीच 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों और एक उपचुनाव सीट के लिए वोट डाले जाने हैं. विधायकों की संख्या के लिहाज से बीजेपी का 10 सीटों पर जीतना तय माना जा रहा है. इनमें गुजरात की 4, राजस्थान की 2, मध्य प्रदेश की 2, मणिपुर की 1 और अरुणाचल प्रदेश की 1 सीट शामिल है. इसके अलावा ओडिशा की उपचुनाव वाली सीट पर भी बीजेपी की जीत पक्की है.
हैरान करने वाली बात यह है कि मौजूदा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, जबकि उनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि रवनीत सिंह बिट्टू को अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
बीजेपी का अगला पूरा फोकस पंजाब पर
पश्चिम बंगाल की जीत से उत्साहित बीजेपी का अगला पूरा फोकस अब पंजाब पर है. पार्टी ने हाल ही में सिख चेहरा केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का नया अध्यक्ष बनाया है और साफ संकेत दिए हैं कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव शिरोमणि अकाली दल के बिना, अकेले अपने दम पर लड़ेगी. पार्टी पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशा, धर्मांतरण और ठप पड़े विकास को बड़ा मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में जुट गई है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को भी अहम भूमिका दी जा सकती है.
Modi Cabinet Reshuffle: देश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा के बाद अब मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. इस फेरबदल में सरकार के कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जिन्हें संगठन में नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
नई टीम का ऐलान कर सकते हैं नितिन नबीन
दरअसल, जनवरी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने वाले नितिन नबीन इस महीने के अंत तक अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं. संगठन और सरकार में बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ही कैबिनेट में बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है. हाल ही में बीजेपी ने पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा और दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को कमान सौंपी गई है, जबकि दिसंबर 2025 में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनाया जा चुका है.
राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव 18 को
इस बीच 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों और एक उपचुनाव सीट के लिए वोट डाले जाने हैं. विधायकों की संख्या के लिहाज से बीजेपी का 10 सीटों पर जीतना तय माना जा रहा है. इनमें गुजरात की 4, राजस्थान की 2, मध्य प्रदेश की 2, मणिपुर की 1 और अरुणाचल प्रदेश की 1 सीट शामिल है. इसके अलावा ओडिशा की उपचुनाव वाली सीट पर भी बीजेपी की जीत पक्की है.
हैरान करने वाली बात यह है कि मौजूदा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, जबकि उनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि रवनीत सिंह बिट्टू को अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
बीजेपी का अगला पूरा फोकस पंजाब पर
पश्चिम बंगाल की जीत से उत्साहित बीजेपी का अगला पूरा फोकस अब पंजाब पर है. पार्टी ने हाल ही में सिख चेहरा केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का नया अध्यक्ष बनाया है और साफ संकेत दिए हैं कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव शिरोमणि अकाली दल के बिना, अकेले अपने दम पर लड़ेगी. पार्टी पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशा, धर्मांतरण और ठप पड़े विकास को बड़ा मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में जुट गई है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को भी अहम भूमिका दी जा सकती है.