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समुद्री सुरक्षा में ऐतिहासिक उपलब्धि, भारत को ‘कंबाइंड टास्क फोर्स 154’ की मिली कमान

समुद्री सुरक्षा और ताकत की जब बात होती है तो इंडियन नेवी का नाम जरूर आता है और इसी का परिणाम यह हुआ है कि इंडियन नेवी को समुंदर के सिकंदर के तौर पर बहरीन ने चुना है. जी हां आपको बता दें कि यह पहला ऐसा मौका आया है जब कंबाइंड टास्क फोर्स 154 की कमान इंडियन नेवी को सौंपी गई है.

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Written By: Pawan Mishra Updated: Feb 12, 2026 17:44

समुद्री सुरक्षा और ताकत की जब बात होती है तो इंडियन नेवी का नाम जरूर आता है और इसी का परिणाम यह हुआ है कि इंडियन नेवी को समुंदर के सिकंदर के तौर पर बहरीन ने चुना है. जी हां आपको बता दें कि यह पहला ऐसा मौका आया है जब कंबाइंड टास्क फोर्स 154 की कमान इंडियन नेवी को सौंपी गई है.

भारतीय नौसेना के मुताबिक यह टास्क फोर्स कंबाइंड मैरिटाइम फोर्सेज के तहत काम करती है, जिसमें दुनिया के 47 देश शामिल हैं. कंबाइंड टास्क फोर्स 154 मिलना भारतीय नौसेना की एक बड़ी रणनीतिक जिम्मेदारी और उपलब्धि मानी जा रही है, न्यूज 24 को रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक कमान का हस्तांतरण समारोह बहरीन के मनामा स्थित सीएमएफ मुख्यालय में आयोजित हुआ. इस कार्यक्रम में अमेरिकी नौसेना के वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेंशॉ मौजूद थे. भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती भी इस मौके पर शामिल हुए. भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने इटली नौसेना के अधिकारी से औपचारिक रूप से कमान संभाली.

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क्या है कंबाइंड टास्क फोर्स

कंबाइंड टास्क फोर्स 154 की स्थापना मई 2023 में की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों को समुद्री सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग देना और उनकी क्षमता को मजबूत करना है. इस टास्क फोर्स का मुख्य काम मिडिल ईस्ट में सिक्योरिटी को लेकर ट्रेनिंग कार्यक्रम को आयोजित कराने का है. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस ट्रेनिंग को लीड इंडियन नेवी करने जा रही है. यानी यह ऐतिहासिक पलों से कम नहीं आंका जा सकता है.

पूरी दुनिया को भी यह संदेश गया है कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारतीय नौसेना की पेशेवर दक्षता, अनुभव और नेतृत्व क्षमता को काफी महत्व दिया जा रहा है. इस टास्क फोर्स का मकसद और ट्रेनिंग में समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैतों और तस्करों से निपटने के लिए विशेष तौर पर कैम्प के माध्यम से नौसैनिक को ट्रेंड किया जाता है.

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इसके साथ ही अगर समुंदर में कोई संदिग्ध जहाज दिखता है तो यह कैसे मालूम करेंगे की यह दोस्त का जहाज है या फिर दुश्मन का यह अहम सिक्योरिटी की भी जानकारी दी जाती है कि वक्त पर इससे कैसे निपटा जा सके.

आपको बता दें कि सीटीएफ 154 सीएमएफ की अन्य टास्क फोर्स जैसे सीटीएफ 150 व्यापक समुद्री सुरक्षा पर काम करती है. वहीं, सीटीएफ 151 समुद्री डकैती रोधी अभियानों पर केंद्रित है. सीटीएफ 152 अरब सागर क्षेत्र की सुरक्षा देखती है और सीटीएफ 153 लाल सागर क्षेत्र में सक्रिय है. ये सभी साथ मिलकर काम करती हैं. इस तरह यह पूरी व्यवस्था समुद्री मार्गों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाध आवाजाही और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है.

भारतीय नौसेना ने कहा है कि वह ट्रेनिंग के कार्यक्रम को ज्यादा से ज्यादा प्रभावी बनाएगी. जिससे कि जो भरोसा बहरीन ने किया है उनके भरोसे पर पूरी तरह से खरा उतरने का है.

First published on: Feb 12, 2026 03:59 PM

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