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LAMITIYE 2026: भारत-सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू, तीनों सेनाएं दिखा रहीं ताकत

भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'लामितिये-2026' का 11वां संस्करण शुरू, पहली बार तीनों सेनाओं की भागीदारी से मजबूत रक्षा साझेदारी का संदेश

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Written By: Pawan Mishra Updated: Mar 13, 2026 16:26
LAMITIYE 2026

हिंद महासागर में भारत की पकड़ और मजबूत होने जा रही है. भारत और सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये-2026’ का 11वां संस्करण पूरे दमखम के साथ शुरू हो चुका है. ‘लामितिये’, जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ ‘दोस्ती’ होता है, इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक है. दोनों देशों के बीच यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 2001 से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है. भारत-सेशेल्स अभ्यास लामितिये के 11वें संस्करण का उद्घाटन समारोह बीते दिन सेशेल्स रक्षा अकादमी में आयोजित किया गया. 20 मार्च तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण अभ्यास का समन्वय और संचालन भारतीय सेना की दक्षिणी कमान (पुणे) द्वारा किया जा रहा है.

इस बार यह अभ्यास क्यों है खास?

इस बार यह अभ्यास खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाएं, थल सेना, नौसेना और वायु सेना एक साथ भाग ले रही हैं. भारतीय दल में असम रेजिमेंट के जवान शामिल हैं, साथ ही नौसेना से INS त्रिकंद और वायु सेना से C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी तैनात किए गए हैं. अभ्यास का मुख्य केंद्र आतंकविरोधी हमले और ‘जंगल वॉर’ की बारीकियों को समझना है. इस बार केवल पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भविष्य की युद्ध नीतियों और रणनीतियों पर गहन चर्चा की जा रही है. यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और स्थायी साझेदारी को मजबूत करता है, जो क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समुद्री स्थिरता के लिए अहम है.

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अभ्यास का मुख्य उद्देश्य

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) वातावरण में शत्रुतापूर्ण खतरों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त परिचालन क्षमता बढ़ाना, आतंकवाद विरोधी (काउंटर-टेररिज्म), काउंटर-इंसर्जेंसी और जंगल युद्ध जैसी रणनीतियों पर फोकस करना, दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, सामरिक समन्वय और तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करना और बदलते युद्ध परिदृश्य और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा व संयुक्त प्रशिक्षण है. अभ्यास में फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज, व्याख्यान, केस स्टडी, डेमोंस्ट्रेशन और अंत में वैलिडेशन एक्सरसाइज शामिल हैं, जो दोनों पक्षों की तैयारियों का आकलन करती हैं.

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First published on: Mar 13, 2026 04:25 PM

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