देश में आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में उर्वरकों का भरपूर भंडार मौजूद है और किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. साथ ही, सरकार ने ये भी सुनिश्चित किया है कि यूरिया और डीएपी जैसे जरूरी उर्वरक रेगुलेटेड कीमतों पर मुहैया कराए जाएंगे. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में यूरिया का स्टॉक पिछले साल की तुलना में ज्यादा है. वहीं, डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) का भंडार भी दोगुना तक बढ़ चुका है. इसके अलावा, एनपीके जैसे बाकी उर्वरकों की मौजूदगी भी बेहतर स्थिति में है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को आसानी होगी.
केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए?
केंद्र सरकार ने उर्वरकों की मौजूदगी बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात को मजबूत करना और सप्लाई चेन को स्थिर रखना शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में यूरिया का उत्पादन भी बढ़ा है और गैस की बेहतर आपूर्ति की वजह से उर्वरक प्लांट्स की क्षमता में सुधार हुआ है. सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन की मांग आमतौर पर मई के मिडिल से बढ़ती है, और इस बार उस समय तक पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की पूरी तैयारी है. इसके लिए पहले से ही ग्लोबल स्तर पर टेंडर जारी कर उर्वरकों का आयात सुनिश्चित किया गया है.
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
इसके अलावा, सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ा रही है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वो डिलीवरी सिस्टम पर नजर रखें और किसानों तक सही समय पर उर्वरक पहुंचाएं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार उर्वरकों की भरपूर मौजूदगी से खेती पर पॉजिटिव असर पड़ेगा और प्रोडक्शन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, मानसून की स्थिति भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी. कुल मिलाकर, केंद्र सरकार के इन प्रयासों से ये साफ है कि किसानों को खरीफ सीजन में उर्वरकों की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा और उन्हें तय कीमतों पर भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध होगी.










