Directions for Sleeper Buses: भारतीय राष्ट्रपति मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्लीपर बसों को लेकर निर्देश जारी किए हैं. आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किया कि वे सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाली सभी स्लीपर कोच बसों को सड़कों से हटा दें. बता दें कि आयोग ने यह फैसला स्लीपर बसों के हादसों का शिकार होने और हादसों में लोगों की मौत होने के मामलों को देखते हुए लिया है.
The National Human Rights Commission of India (NHRC) bench, headed by memeber Priyank Kanoongo, issued directions to all Chief Secretaries of states to remove all sleeper coach buses that violate safety norms. pic.twitter.com/MGCHSCeyVh
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) November 29, 2025
जीवन के अधिकार का उल्लंघन हैं हादसे
बता दें कि भारत में स्लीपर बसें खासकर रात को लंबा सफर करने के लिए बुक की जाती हैं, लेकिन ओवरलोडिंग, खराब रखरखाव, तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण स्लीपर बसें अकसर हादसों का शिकार हो जाती हैं. स्लीपर बसों में लापरवाही और अनदेखी के कारण हुए हादसों में लोगों की मौत होना भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन है. इस साल हुए कई स्लीपर बस हादसों को देखते हुए ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने निर्देश जारी किए हैं.
आयोग-मंत्रालय जारी करते रहे हैं निर्देश
बता दें कि आयोग ने साल 2024-25 में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई निर्देश जारी किए हुए हैं, जिनमें स्लीपर बसों में सीट बेल्ट और CCTV की अनिवार्यता, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और ओवरलोडिंग पर स्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग शामिल है, लेकिन राज्य आयोगों को स्लीपर बसों से जुड़े हादसों और नियमों का उल्लंघन मामले में तुरंत कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है. साल 2025 में स्लीपर बस हादसों से 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं और इनका कारण सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करना पाया गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी साल 2024 में AIS-118 मानक लागू किए थे, लेकिन इनका पालन नहीं किया जा रहा है.
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हाल ही में हुए हादसे और कार्रवाई
5 नवंबर 2025 को तेलंगाना के हैदराबाद जिले में चेवेल्ला में स्लीपर बस हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी. राज्य मानवाधिकार आयोग ने हादसे का कारण प्रशासनिक विफलता का माना और NHAI, RTC, पुलिस समेत 6 विभागों से सिस्टम फेलियर पर रिपोर्ट तलब की. स्लीपर बसों के रूट पर सेफ्टी ऑडिट करने के आदेश दिए और लापरवाही के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
28 अक्टूबर 2025 को राजस्थान के जयपुर जिले के मनोहरपुर में स्लीपर बस में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई थी. राज्य मानवाधिकार आयोग ने हादसे का कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी को माना. साथ ही परिवहन आयुक्त, जयपुर पुलिस कमिश्नर, DTO/CFO आदि से जांच रिपोर्ट तलब की. कंडम हो चुकी स्लीपर बसों के खिलाफ तत्काल जब्ती या चालान की कार्रवाई करने का आदेश दिया. यात्री वाहनों में CNG किट, फायर सेफ्टी और रूट के लिए परमिशन की जांच करने का आदेश दिया.










