हर कोई अमेरिका में जाकर बसने के बारे में सोचता है. लेकिन ट्रंप सरकार जहां एक ओर ट्रंप सरकार लगातार अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाल कर वापस उनके देश भेज रही है, नागरिकता को लेकर कई कड़े कानून बनाए जा रहे हैं, फिर भी कुछ लोग अमेरिका में बसने की लालच में बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते हैं.
एक ताजा मामला गुजरात से सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात के रहने वाले एक नौजवान कपल के साथ एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
बता दें कि गुजरात के रहने वाले ध्रुव पटेल (22) और दीपिका पटले (32) डंकी रुट (अवैध तरीके से विदेश जाने की प्रक्रिया) से अमेरिका जाना चाहते थे. एक बिचौलिये ने अमेरिका ले जाने का वादा भी किया. दोनों पैसे देकर अमेरिका के लिए निकल पड़े. लेकिन रास्ते में अजरबैजान में वे किडनैपर्स के चंगुल में फंस गए. जिसके बाद अजरबैजन में जो उनके साथ हुआ वो डराने वाला था.
वीडियो कॉल पर लाइव टॉर्चर
मुंबई के एक एंजेट ने इन्हें अमेरिका भेजने का झांसा दिया था. ध्रुव ने 35 लाख और दीपिका ने 15 लाख रुपये दिए थे. 1 फरवरी को जब वे अजरबैजान की राजधानी बाकू बहुंचे तो एजेंट ने उन्हें एक सुनसान घर के तहखाने में कैद कर दिया. इसके बाद हैवानियत की सारी हदें पार हो गईं जब किडनैपर्स ने ध्रुव के परिवार को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और लाइव टॉर्चर दिखाना शुरू किया.
पैसे नहीं मिले तो किडनी बेच देंगे
परिवारवालों ने वीडियो कॉल पर अपने बेटे को पिटते हुए देखा. किडनैपर्स ने धमकी दी कि अगर और पैसे नहीं मिले तो वे ध्रुव की किडनी निकाल कर बेच देंगे. डर के कारण परिवार ने किसी तरह 65 लाख रुपये (जिसमें क्रिप्टो भी शामिल था) चुराए, लेकिन लालची किडनैपर्स की मांग लगातार बढ़ती गई.
ऐसे मिली मदद
इतना सब होने के बाद जब कुछ भी रास्ता नहीं निकल पाया तो परिवार ने आनंद के सांसद मितेश पटेल से गुहार लगाई. घटना की जानकारी मिलते ही सांसद ने तुरंत विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क किया. इसके बाद ऑपरेशन माहीसागर (Operation Mahisagar) लॉन्च किया गया. बाकू में भारतीय दूतावास और अधिकारियों ने 24 घंटे के अंदर दोनों को किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ा लिया. फिलहाल दोनों भारतीय दूतावास की सुरक्षा में हैं और उन्हें जल्द भारत लाने की तैयारी चल रही है.
हर कोई अमेरिका में जाकर बसने के बारे में सोचता है. लेकिन ट्रंप सरकार जहां एक ओर ट्रंप सरकार लगातार अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाल कर वापस उनके देश भेज रही है, नागरिकता को लेकर कई कड़े कानून बनाए जा रहे हैं, फिर भी कुछ लोग अमेरिका में बसने की लालच में बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते हैं.
एक ताजा मामला गुजरात से सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात के रहने वाले एक नौजवान कपल के साथ एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
बता दें कि गुजरात के रहने वाले ध्रुव पटेल (22) और दीपिका पटले (32) डंकी रुट (अवैध तरीके से विदेश जाने की प्रक्रिया) से अमेरिका जाना चाहते थे. एक बिचौलिये ने अमेरिका ले जाने का वादा भी किया. दोनों पैसे देकर अमेरिका के लिए निकल पड़े. लेकिन रास्ते में अजरबैजान में वे किडनैपर्स के चंगुल में फंस गए. जिसके बाद अजरबैजन में जो उनके साथ हुआ वो डराने वाला था.
वीडियो कॉल पर लाइव टॉर्चर
मुंबई के एक एंजेट ने इन्हें अमेरिका भेजने का झांसा दिया था. ध्रुव ने 35 लाख और दीपिका ने 15 लाख रुपये दिए थे. 1 फरवरी को जब वे अजरबैजान की राजधानी बाकू बहुंचे तो एजेंट ने उन्हें एक सुनसान घर के तहखाने में कैद कर दिया. इसके बाद हैवानियत की सारी हदें पार हो गईं जब किडनैपर्स ने ध्रुव के परिवार को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और लाइव टॉर्चर दिखाना शुरू किया.
पैसे नहीं मिले तो किडनी बेच देंगे
परिवारवालों ने वीडियो कॉल पर अपने बेटे को पिटते हुए देखा. किडनैपर्स ने धमकी दी कि अगर और पैसे नहीं मिले तो वे ध्रुव की किडनी निकाल कर बेच देंगे. डर के कारण परिवार ने किसी तरह 65 लाख रुपये (जिसमें क्रिप्टो भी शामिल था) चुराए, लेकिन लालची किडनैपर्स की मांग लगातार बढ़ती गई.
ऐसे मिली मदद
इतना सब होने के बाद जब कुछ भी रास्ता नहीं निकल पाया तो परिवार ने आनंद के सांसद मितेश पटेल से गुहार लगाई. घटना की जानकारी मिलते ही सांसद ने तुरंत विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क किया. इसके बाद ऑपरेशन माहीसागर (Operation Mahisagar) लॉन्च किया गया. बाकू में भारतीय दूतावास और अधिकारियों ने 24 घंटे के अंदर दोनों को किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ा लिया. फिलहाल दोनों भारतीय दूतावास की सुरक्षा में हैं और उन्हें जल्द भारत लाने की तैयारी चल रही है.