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गोवा में फेमस सनबर्न फेस्टिवल का क्यों हो रहा विरोध? सड़कों पर उतरे लोग

Goa Sunburn Festival : गोवा में सनबर्न फेस्टिवल को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसे लेकर राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव से गोवा की संस्कृति को नुकसान हो रहा और ड्रग्स को भी बढ़ावा मिल रहा है। 

दुनिया के टॉप महोत्सव में शामिल मशहूर इलेक्ट्रॉनिक नृत्य संगीत महोत्सव सनबर्न को लेकर गोवा में कोहराम जारी है। स्थानीय लोग और विपक्षी राजनीतिक पार्टियां इस महोत्सव का विरोध कर रही थीं, लेकिन हाल ही में दिल्ली में नीति आयोग की हुई बैठक में गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि इस महोत्सव को बढ़ावा देने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। लोग एकजुट होकर सनबर्न फेस्टिवल के खिलाफ जिला अधिकारी को ज्ञापन दे रहे हैं। गोवा के नागरिकों, एनजीओ समेत राजनीतिक दलों ने इस फेस्टिवल को गोवा की संस्कृति के खिलाफ बताया।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कार्निवल, सनबर्न फेस्टिवल, शिगमोत्सव, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे महोत्सव से गोवा को अंतराष्ट्रीय दर्जे की पहचान मिली है, जिससे गोवा के टूरिज्म में भी काफी वृद्धि हुई है। साल 2023-24 में करीब 88 लाख टूरिस्ट गोवा पहुंचे थे, जिनमें 4.14 लाख विदेशी थे। हालांकि, सीएम की ये बातें गोवा के लोग, विपक्षी पार्टी, एनजीओ को नागवार गुजरीं। उनका कहना है कि सीएम लोगों की भावनाओं को दरकिनार कर रहे हैं। गोवा खासकर साउथ गोवा के लोग नहीं चाहते कि सनबर्न महोत्सव यहां आयोजित हो।

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ड्रग्स को मिल रहा बढ़ावा

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इससे पहले 20 जुलाई को पूरे राज्य से सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोगों ने दक्षिण गोवा कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्र होकर सनबर्न के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई ग्राम सभाओं ने इस फेस्टिवल के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। लोगों की नाराजगी देखकर विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरे रही हैं। जहां एक तरफ सरकार का तर्क है कि इस फेस्टिवल से पर्यटन, रोजगार और आमदनी में इजाफा होगा तो वहीं, विरोधियों का कहना है कि इस उत्सव से गोवा की संस्कृति को नुकसान पहुंच रहा और ड्रग्स को भी बढ़ावा मिल रहा है।

फेस्टिवल के खिलाफ लोग

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गोवा के लोग अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दक्षिण गोवा में 28 से 30 दिसंबर तक इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक (ईडीएम) फेस्टिवल ‘सनबर्न’ का आयोजन होगा। इसे लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि सनबर्न महोत्सव से ड्रग्स को बढ़ावा मिलेगा और अतीत में इस उत्सव में ओवरडोज के कारण मौतें हुई हैं। उनका कहना है कि वे गांवों में ड्रग्स को घुसने नहीं देंगे।

विपक्ष के नेता ने भी जताया विरोध

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गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने कहा कि उत्तरी गोवा में ड्रग्स और अपराध बढ़ने के बाद अब भाजपा सरकार की नजर दक्षिण गोवा पर है। 2024 में दक्षिण गोवा में सनबर्न की अनुमति देकर लोकसभा की हार का बदला लेने का एक और प्रयास है। गोवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर ने सनबर्न फेस्टिवल के बेचे जा रहे टिकट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सवाल किया है। पाटकर ने कहा कि जब सीएम कह रहे हैं कि सनबर्न को अनुमति नहीं दी गई है तो टिकट कैसे बेचे जा रहे हैं। गोवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुनील क्वथनकर ने इसे ड्रग्स फेस्टिवल करार दिया है।

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जानें क्या बोले आप के नेता?

गोवा से आम आदमी पार्टी के विधायक वेन्जी वीगास ने कहा कि हम दक्षिण गोवा में सनबर्न नहीं चाहते हैं। इससे नशे को बढ़ावा मिलता है और युवाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार को ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए, जहां परिवार इकट्ठा हो सकें। वहीं, वेलिम से विधायक क्रूज सिल्वा ने इस कदम का विरोध करने की कसम खाई। गोवा आप के प्रमुख अमित पालेकर ने कहा कि सनबर्न फेस्टिवल को कार्निवाल और शिगमो फेस्टिवल के बराबर देखना यह गोवा के लिए अपमान है।

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साल 2007 में शुरू हुआ था फेस्टिवल

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गोवा में हर साल सनबर्न फेस्टिवल मनाया जाता है, जिसकी गिनती दुनिया के टॉप 10 फेस्टिवल में होती है। साल 2007 से लेकर 2015 में गोवा के वागाटोर में इस समारोह का आयोजन किया गया था। इसके बाद साल 2016 में इसे महाराष्ट्र के पुणे में स्थानांतरित कर दिया गया। बाद में साल 2019 में यह महोत्सव गोवा वापस लौट आया है।

First published on: Jul 30, 2024 06:11 PM

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