Eid-Ul-Fitr 2024: दुआओं के लिए उठे हाथ, गले लगकर कहा ईद मुबारक; आज देश में मनाया जा रहा त्योहार

Eid Ul Fitr 2024 Celebration: आज देश में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। लोगों ने सुबह मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी। मिठाइयां बांटकर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। सुबह होते ही लोग मस्जिदों में जुटे। मुस्लिम समुदाय का यह त्योहार खुशियों और भाईचारे का प्रतीक है।

Jama Masjid Delhi Eid Celebration

बकरीद का त्योहार।

Eid Ul Fitr 2024 Celebration Updates: देशभर में आज ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। बीती रात लोगों ने शव्वाल का चांद देखा और आज सुबह मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। आज सुबह करीब साढ़े 6 बजे मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों इकट्ठा हुए और ईद की नमाज पढ़ी। एक दूसरे को गले लगकर त्योहार की बधाई दी गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के हाथ दुआओं के लिए उठे और एक दूसरे को ईद मुबारक कहा। जामा मस्जिद दिल्ली के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने देश को ईद की बधाई दी।

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हालांकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शव्वाल का चांद परसो ही नजर आ गया था, इसलिए इन दोनों राज्यों में बीते दिन ईद का त्योहार मनाया गया। केरल में भी कल ही ईद मनाई जा चुकी, क्योंकि वहां सऊदी अरब के अनुसार ईद मनाई जाती है। बाकी देश में बीती रात चांद नजर आया, इसलिए आज ईद का जश्न मनाया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर मिठाई हाथ में लेकर नमाज पढ़ने मस्जिद पहुंचे। जिसे जहां जगह मिली, वहीं चादर बिछाकर नमाज पढ़ी। दूसरे धर्मों के लोगों ने भी उन्हें ईद की बधाइयां दी।

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शव्वाल का चांद दिखने के अगले दिन मनाते ईद

मान्यताओं के अनुसार, ईद-उल-फितर के त्योहार से पहले मुस्लिम समाज के लोग एक महीना रोजे रखते हैं। इसके बाद जिस दिन शव्वाल का चांद नजर आ जाता है, उसके अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है। जिस महीने में लोग रोजे रखते हैं, उसे रमजान का पाक महीना कहा जाता है। आमतौर पर आखिरी रोजे के दिन शव्वाल का चांद नजर आ जाता है। हिजरी कैलेंडर के अनुसार ईद की तारीख हर साल बदल जाती है, क्योंकि यह कैलेंडर चांद की घटती-बढ़ती चाल के अनुसार मान्य होता है। वहीं ईद के दिन लोग सुबह नमाज पढ़कर खुदा की इबादत करते हैं। मिठाइयां बांटते हैं और त्योहार की बधाई देते हैं। यह त्योहार भाईचारे का प्रतीक है। इस दिन सेवइयां, खीर आदि मीठे पकवान बनाए जाते हैं।

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क्यों मनाई जाती ईद?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मान्यता है कि पैगंबर नबी मोहम्मद ने जंग-ए-बद्र जीती थी। इस जीत की खुशी में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़कर लोगों की सलामती की दुआएं मांगते हैं। मिठाइयां बांटकर जश्न मनाते हैं। पैगंबर नबी इस्लाम के आखिरी पैगंबर थे। कहा जाता है कि पैगंबर ने सिर्फ 300 अनुयायियों के साथ मिलकर यह जंग जीती थी, जबकि उनके सामने दुश्मन की भारी फौज थी। रमजान का महीना चल रहा था और पैंगबर समेत सभी अनुयायियों ने रोजे रखे थे। इसके बावजूद उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए जीत हासिल की।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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