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डीआरडीओ का ‘प्रज्ञा’ सिस्टम बना सेना की नई ताकत, एआई से दुश्मन पर सटीक नजर

डीआरडीओ ने ‘प्रज्ञा’ नामक एआई आधारित सैटेलाइट इमेजिंग सिस्टम विकसित किया है, जो भारतीय सेना को रियल-टाइम निगरानी और सटीक जानकारी देने में सक्षम बनाएगा. यह अत्याधुनिक तकनीक सीमा सुरक्षा, आतंकी गतिविधियों की पहचान और युद्ध के दौरान तेज निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाएगी.

भविष्य के युद्ध को देखते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय रोजाना नए-नए तरह के प्रयोग कर रहा है. रोजाना सेना के लिए कुछ नया करके दे रहा है, जिससे सेना की ताकत में इजाफा होता रहे और इसी क्रम में डीआरडीओ ने सेना के लिए एक क्रांतिकारी सैटेलाइट इमेजिंग सिस्टम ‘प्रज्ञा’ को तैयार किया है. ईरान-इजराइल के युद्ध में एआई की ताकत को देखा गया है, ठीक इसी को देखते हुए डीआरडीओ ने भी एआई की ताकत से लैस ‘प्रज्ञा’ का निर्माण किया है. देश की सुरक्षा की बात करें तो सबसे पहले आंतरिक सुरक्षा पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जाता है, क्योंकि एक पुरानी कहावत है कि अगर घर सुरक्षित रहेगा तो देश भी सुरक्षित रहेगा. इसी को देखते हुए ‘प्रज्ञा’ को आंतरिक सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है.

किस तरह की खासियत से लैस है प्रज्ञा

एआई की ताकत वाली ‘प्रज्ञा’ का काम सिर्फ डेटा को संभालना ही नहीं, बल्कि ग्राउंड 0 पर बिना किसी की अनुमति के किस तरह से फैसला लेना है, इसकी भी मदद यह सुरक्षा बलों को करेगा. आपको बता दें कि ‘प्रज्ञा’ को डीआरडीओ की सीएआईआर यानी ‘सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स’ ने तैयार किया है. इसका काम सिर्फ और सिर्फ संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर बनाए रखना है. इसकी मदद से सुरक्षा एजेंसियां आतंकी घुसपैठ और बॉर्डर पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पकड़ सकेंगी. अगर दुश्मन देश से लड़ाई हो या लड़ाई की संभावना बने, तो ‘प्रज्ञा’ ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से भी सटीक तस्वीर सेना तक पहुंचा सकता है. ‘प्रज्ञा’ में मौजूद एआई तकनीक की वजह से यह खतरे को तुरंत भांपकर सुरक्षा बलों को अलर्ट कर सकने की ताकत रखता है. दुश्मन या आतंकियों के खिलाफ सफलता की पूरी गारंटी देने का माद्दा ‘प्रज्ञा’ रखता है.

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First published on: Apr 23, 2026 06:57 PM

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