क्या चीन ने अरुणाचल प्रदेश में की घुसपैठ? भारतीय सेना ने खारिज की रिपोर्ट, बताया बेबुनियाद

नाह वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से दावा किया गया कि चीन ने पांच स्थानों- असाफिला क्षेत्र के ओयिंग, चुजार्ता में पनिआर, मरपन (मार्नाफे), पोत्रंग झील और तिनडिंगतांग में घुसपैठ की है. ऑर्गनाइजेशन ने यह कहा कि वर्ष 2020 से पहले तक ये सभी क्षेत्र पूरी तरह से भारतीय नियंत्रण में थे.

India-China border

भारत के अरुणाचल प्रदेश में एक बार फिर से चीनी घुसपैठ को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ की है और सैन्य शिविर स्थापित किए हैं. भारतीय सेना ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए गलत और बेबुनियाद बताया गया है. सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में सेना ने इन दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है.

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क्या है पूरा मामला?


दरअसल, यह विवाद स्थानीय मीडिया संस्थान ‘अरुणाचल ऑब्जर्वर’ की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ. इस रिपोर्ट में टाकसिंग क्षेत्र के एक ऑर्गनाइजेशन ‘नाह वेलफेयर सोसाइटी’ (NWS) द्वारा स्थानीय प्रशासन को सौंपे गए एक ज्ञापन का हवाला दिया गया था. संगठन के अध्यक्ष केरु चादर ने इस ज्ञापन में दावा किया कि चीनी सेना ने भारत-चीन सीमा के पास रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण अपर सुबनसिरी जिले के टाकसिंग सर्कल में भारतीय क्षेत्र के काफी अंदर तक अपने कैंप बना लिए हैं.

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कौन से 5 स्थानों पर घुसपैठ का दावा?


नाह वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से दावा किया गया कि चीन ने पांच स्थानों- असाफिला क्षेत्र के ओयिंग, चुजार्ता में पनिआर, मरपन (मार्नाफे), पोत्रंग झील और तिनडिंगतांग में घुसपैठ की है. ऑर्गनाइजेशन ने यह कहा कि वर्ष 2020 से पहले तक ये सभी क्षेत्र पूरी तरह से भारतीय नियंत्रण में थे. साथ ही इनमें से कुछ जगहें त्सारी क्षेत्र में स्थित हैं, जो स्थानीय समुदायों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से पवित्र तीर्थ स्थल माने जाते हैं.

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प्रशासन को लिखे पत्र में ऑर्गनाइजेशन के चीफ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और चीनी सेना की गतिविधियां स्थानीय आबादी के लिए बड़े संकट का संकेत हैं. उन्होंने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी.

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सेना ने तुरंत दिया जवाब


स्थानीय स्तर पर उठ रही इन आशंकाओं के बीच, भारतीय सेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट की है. सेना ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सीमा पर भारतीय जवानों द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की घुसपैठ की रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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