देश में इस समय हर तरफ सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हो रही है. उनके इस्तीफे को CJP यानी कॉक्रोच जनता पार्टी बड़े जश्न के रूप में मना रही है. वहीं, इस इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. इस अचानक हुई बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि दोनों के बीच क्या बातचीत होगी?
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क्या खत्म हो जाएगा अब प्रोटेस्ट?
पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ ये प्रोटेस्ट सोशल मीडिया से निकलकर जंतर-मंतर तक पहुंचा और फिर देश के अलग-अलग राज्यों में धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग शुरू हो गई. अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पंद से इस्तीफा दे दिया है, तो लोगों के मन सवाल उठ रहा है कि क्या अब CJP यह प्रोटेस्ट खत्म कर देगी? हालांकि, गौर करें तो CJP ने सरकार के सामने कुछ बड़ीं मांगे रखी थी.
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क्या है CJP की बाकी मांगे
CJP की इन प्रमुख मांगों में सबसे पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो अब पूरी हो चुकी है. इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग NEET धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है. तीसरी मांग 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है, और चौथी सबसे महत्वपूर्ण मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार व भविष्य के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना है. CJP का साफ कहना है कि जब तक सरकार इन सभी मांगों को मानकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक देशभर में यह आंदोलन और धरना जारी रहेगा. इसके अलावा CJP की यह भी मांगे हैं कि, प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज पुलिस केस/एफआईआर को रद्द करना और उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन देना भी शामिल है,
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