Om Pratap
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Modi Surname Case: राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता की बहाली पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने राहुल की सांसदी बहाली को लेकर सवाल उठाए हैं। बता दें कि मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राहुल गांधी की दो साल की सजा पर रोक लगा दी।
कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने कहा कि सूरत की सेशन कोर्ट की ओर से राहुल गांधी को ‘दोषी’ ठहराए जाने के 26 घंटे बाद सांसद के रूप में उनकी अयोग्यता की अधिसूचना जारी की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूरी तरह से अनुचित सजा पर रोक लगाए हुए 26 घंटे से अधिक हो चुके हैं। सांसद के रूप में उनका पद अभी तक बहाल क्यों नहीं किया गया?
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26 hours after @RahulGandhi was "convicted" by the Sessions Court in Surat, the notification of his disqualification as MP was issued.
26 hours have passed since the Supreme Court stayed his wholly unjustified conviction.
Why hasn’t his position as MP been restored yet?
Is…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 5, 2023
जयराम रमेश ने सवाल उठाते हुए कि पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अगस्त से 10 अगस्त तक चलने वाले आगामी अविश्वास प्रस्ताव में राहुल गांधी की भागीदारी से डर रहे हैं? बता दें कि कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह किया है।
इससे पहले, शुक्रवार को अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर राहुल गांधी की निलंबित संसद सदस्यता को रद्द करने का अनुरोध किया था।
अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तेजी से राहुल गांधी को अयोग्य ठहराया गया था, उसी तेजी से उन्हें बहाल भी किया जाना चाहिए। चौधरी ने ये भी कहा कि लोकसभा स्पीकर के सुझाव के मुताबिक, उन्होंने मुझसे कहा कि लोकसभा महासचिव से बात करें और दस्तावेज उनके कार्यालय में जमा करें। सदन चलना चाहिए और राहुल गांधी वहां वापस आएं।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भले ही गांधी की बातें अच्छी नहीं रही हों, लेकिन सार्वजनिक जीवन में एक व्यक्ति के रूप में उनसे सार्वजनिक भाषण देते समय अधिक सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि ट्रायल जज ने राहुल गांधी को अधिकतम दो साल की सजा सुनाई लेकिन इस फैसले के लिए पर्याप्त कारण बताने में विफल रहे। अदालत ने स्पष्टीकरण की कमी की भी आलोचना की और कहा कि ट्रायल कोर्ट से उम्मीद की गई थी कि वह कुछ कारण बताएगी कि उसने अधिकतम दो साल की सजा क्यों दी।
राहुल गांधी को मोदी सरनेम को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के खिलाफ भाजपा नेता की ओर से मानहानि का मामला दायर किया गया था। मामले में 23 मार्च को सूरत कोर्ट ने दोषी ठहराया था और दो साल जेल की सजा सुनाई थी।
मामला तब दर्ज किया गया जब राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी रैली में कहा था कि सभी चोरों का सामान्य उपनाम मोदी कैसे है? बाद में बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के इस बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
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