कांग्रेस पार्टी ने वरुण चौधरी की जगह अब विनोद जाखड़ को छात्र संगठन NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. ये फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद लिया गया है. पार्टी का मानना है कि इस नियुक्ति से देशभर में छात्र राजनीति को नई दिशा मिलेगी और युवाओं के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत होगी. ऐसा पहली बार हुआ है कि NSUI के अध्यक्ष पद के लिए किसी को राजस्थान से चुना गया है. तो आइए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं कि विनोद जाखड़ कौन हैं और पार्टी ने उनपर विश्वास क्यों जताया है.
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कौन हैं विनोद जाखड़?
विनोद जाखड़ छात्र राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं. वो लंबे समय से नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया से जुड़े हुए हैं. इससे पहले वो राजस्थान में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा वो राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां से उन्होंने छात्र राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई. विनोद जाखड़ को संगठनात्मक कामकाज का अच्छा अनुभव माना जाता है. उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों जैसे फीस बढ़ोतरी, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और शिक्षा के अधिकार को लेकर कई बार आवाज उठाई है. उनके नेतृत्व में NSUI ने कई राज्यों में छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई है.
कांग्रेस का क्या है मकसद?
कांग्रेस पार्टी इस समय युवाओं और छात्रों पर विशेष फोकस कर रही है. पार्टी चाहती है कि छात्र संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हो और युवाओं की आवाज बन सके. इसी रणनीति के तहत विनोद जाखड़ को NSUI की कमान सौंपी गई है. पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन और ज्यादा सक्रिय होगा. कांग्रेस एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश में है. जाखड़ के जरिए वो युवाओं और दलितों दोनों को अपने पाले में करना चाहती है.
विवादों में भी रहे हैं जाखड़
हाल ही में विनोद जाखड़ का नाम एक संगठनात्मक विवाद में भी आया था, जब उन्हें कुछ नियुक्तियों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. हालांकि उन्होंने साफ किया था कि उनके सभी फैसले संगठन के हित में थे. विनोद जाखड़ कई बार छात्रों की लड़ाई में जेल भी गए. अब NSUI के नए अध्यक्ष बनने के बाद विनोद जाखड़ के सामने बड़ी जिम्मेदारी है. आने वाले समय में छात्र चुनाव, शिक्षा से जुड़े मुद्दे और युवाओं की समस्याएं उनके एजेंडे में रहेंगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में NSUI किस तरह छात्र राजनीति में अपनी भूमिका निभाता है.
ये भी पढ़ें: सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, अमित शाह मानहानि केस को लेकर कही ये बड़ी बात
कांग्रेस पार्टी ने वरुण चौधरी की जगह अब विनोद जाखड़ को छात्र संगठन NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. ये फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद लिया गया है. पार्टी का मानना है कि इस नियुक्ति से देशभर में छात्र राजनीति को नई दिशा मिलेगी और युवाओं के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत होगी. ऐसा पहली बार हुआ है कि NSUI के अध्यक्ष पद के लिए किसी को राजस्थान से चुना गया है. तो आइए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं कि विनोद जाखड़ कौन हैं और पार्टी ने उनपर विश्वास क्यों जताया है.
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कौन हैं विनोद जाखड़?
विनोद जाखड़ छात्र राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं. वो लंबे समय से नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया से जुड़े हुए हैं. इससे पहले वो राजस्थान में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा वो राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां से उन्होंने छात्र राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई. विनोद जाखड़ को संगठनात्मक कामकाज का अच्छा अनुभव माना जाता है. उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों जैसे फीस बढ़ोतरी, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और शिक्षा के अधिकार को लेकर कई बार आवाज उठाई है. उनके नेतृत्व में NSUI ने कई राज्यों में छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई है.
कांग्रेस का क्या है मकसद?
कांग्रेस पार्टी इस समय युवाओं और छात्रों पर विशेष फोकस कर रही है. पार्टी चाहती है कि छात्र संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हो और युवाओं की आवाज बन सके. इसी रणनीति के तहत विनोद जाखड़ को NSUI की कमान सौंपी गई है. पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन और ज्यादा सक्रिय होगा. कांग्रेस एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश में है. जाखड़ के जरिए वो युवाओं और दलितों दोनों को अपने पाले में करना चाहती है.
विवादों में भी रहे हैं जाखड़
हाल ही में विनोद जाखड़ का नाम एक संगठनात्मक विवाद में भी आया था, जब उन्हें कुछ नियुक्तियों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. हालांकि उन्होंने साफ किया था कि उनके सभी फैसले संगठन के हित में थे. विनोद जाखड़ कई बार छात्रों की लड़ाई में जेल भी गए. अब NSUI के नए अध्यक्ष बनने के बाद विनोद जाखड़ के सामने बड़ी जिम्मेदारी है. आने वाले समय में छात्र चुनाव, शिक्षा से जुड़े मुद्दे और युवाओं की समस्याएं उनके एजेंडे में रहेंगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में NSUI किस तरह छात्र राजनीति में अपनी भूमिका निभाता है.
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