केंद्रीय चुनाव आयोग ने चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) 2.0 के तहत ‘भारत यात्रा’ की शुरुआत करने का फैसला किया है. इस यात्रा का आगाज बिहार से होगा और इसके बाद यह देश के सभी राज्यों तक पहुंचेगी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को बिहार से इस पहल की शुरुआत करेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय बिहार दौरे पर रविवार को पटना पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. पटना में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार की जनता और मतदाताओं का आभार जताया.
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश में सबसे सफल आयोजन बिहार से शुरू हुआ और पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत भी अब तक के चुनावों में सर्वाधिक रहा. ज्ञानेश कुमार ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया. उन्होंने वैशाली, सीतामढ़ी और मधुबनी का दौरा कर जिला निर्वाचन तंत्र के अधिकारियों के साथ संवाद किया.
क्या है ELC 2.0?
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब चुनाव आयोग की SVEEP यानी Systematic Voters’ Education and Electoral Participation पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है. वर्ष 2018 में शुरू किए गए इन क्लबों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका से परिचित कराना रहा है.
अब बदलते संचार माध्यमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने ELC 2.0 को अधिक डिजिटल, संरचित और लगातार सक्रिय रहने वाले मंच के रूप में विकसित करने की पहल की है. इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब स्थापित किए जाएंगे, जहां पूरे वर्ष चुनाव और लोकतंत्र से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
देश के विशाल शैक्षणिक नेटवर्क से जुड़ेगा अभियान
भारत में करीब 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी और 1 करोड़ शिक्षक हैं. उच्च शिक्षा क्षेत्र में करीब 1,500 विश्वविद्यालय और 70 हजार शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें 4 करोड़ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं.
चुनाव आयोग का मानना है कि यह विशाल शैक्षणिक नेटवर्क युवाओं में चुनावी साक्षरता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है. ELC के जरिए युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना, ECINET ऐप और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी.
युवाओं को बनाया जाएगा ‘इलेक्टोरल अवेयरनेस एंबेसडर’
ELC 2.0 का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ना भी है. इसके तहत युवाओं को जागरूक मतदाता बनने के साथ-साथ अपने परिवार, शिक्षण संस्थानों और समुदाय में चुनावी जागरूकता के दूत के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
चुनाव आयोग की दृष्टि एक ऐसी लोकतांत्रिक संस्कृति विकसित करने की है, जहां प्रत्येक युवा देश की चुनाव प्रणाली, उसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को समझे, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गर्व करे और हर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिम्मेदारी और उत्साह के साथ भाग ले. बिहार से शुरू होने वाली ‘भारत यात्रा’ इसी व्यापक अभियान को देश के हर राज्य और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.