देश के मशहूर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा खुले तौर पर चुनौती दी गई थी। उन्होंने नागपुर में अब एक विवादास्पद बयान देकर बवाल मचा दिया है। उनके नए बयान से विवाद ज्यादा गहराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बेटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देना चाहिए।
उन्होंने यह बात श्री आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्था द्वारा प्रस्तावित भारतदुर्गा शक्ति स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कही, जो जामठा स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित हुआ था। उनके इस बयान के बाद अब नए विवाद के संकेत मिल रहे हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने एक समय सत्ता छोड़ने का विचार किया था।
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शिवाजी महाराज पर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और वे समर्थ रामदास स्वामी के पास गए। उन्होंने रामदास स्वामी से कहा कि अब वे और युद्ध नहीं करना चाहते और वे अपना मुकुट एवं सत्ता उन्हें सौंपना चाहते हैं। इस पर रामदास स्वामी ने कहा कि शिष्य का कर्तव्य गुरु के आदेशों का पालन करना होता है, इसलिए यह सत्ता आप ही संभालें। ऐसा दावा धीरेंद्र शास्त्री ने किया है।
उन्होंने कहा कि भारत मातृप्रधान देश है। जब भारत दुर्गा मां का मंदिर बनेगा, तब देश और भी ज्यादा शक्तिशाली बनेगा। अखंड भारत की स्थापना होगी। दुनिया में कहीं भी पाकिस्तान माता या चीन माता के जयकारे नहीं सुनाई देते, लेकिन भारत में भारत माता की जय बोली जाती है। दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं को भोग की वस्तु माना जाता है, जबकि भारत में महिलाओं को पूजनीय माना जाता है।
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नासिक घटना पर खुलकर बोले धीरेंद्र शास्त्री
भारत फिर से देवशक्ति और पूजा की ओर लौट रहा है। इस मंदिर को देखकर दुनिया को समझ आएगा कि भारत शास्त्र और शस्त्र दोनों के आधार पर चलता है। इस मौके पर गोविंददेव गिरी महाराज ने नासिक की घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में कई दानव हैं, जिन्हें खत्म करने की बजाय सुधारने की कोशिश करनी चाहिए, तभी समाज सुधार संभव होगा।
नासिक की कॉर्पोरेट घटना के बारे में जानकर अगर लोगों को गुस्सा नहीं आता तो उन्हें सोचना चाहिए कि वे जीवित हैं या मृतप्राय। ऐसी मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना जरूरी है। अपनी संस्कृति के अनुसार शक्तिशाली बनना आवश्यक है।
देश के मशहूर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा खुले तौर पर चुनौती दी गई थी। उन्होंने नागपुर में अब एक विवादास्पद बयान देकर बवाल मचा दिया है। उनके नए बयान से विवाद ज्यादा गहराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बेटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देना चाहिए।
उन्होंने यह बात श्री आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्था द्वारा प्रस्तावित भारतदुर्गा शक्ति स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कही, जो जामठा स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित हुआ था। उनके इस बयान के बाद अब नए विवाद के संकेत मिल रहे हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने एक समय सत्ता छोड़ने का विचार किया था।
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उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और वे समर्थ रामदास स्वामी के पास गए। उन्होंने रामदास स्वामी से कहा कि अब वे और युद्ध नहीं करना चाहते और वे अपना मुकुट एवं सत्ता उन्हें सौंपना चाहते हैं। इस पर रामदास स्वामी ने कहा कि शिष्य का कर्तव्य गुरु के आदेशों का पालन करना होता है, इसलिए यह सत्ता आप ही संभालें। ऐसा दावा धीरेंद्र शास्त्री ने किया है।
उन्होंने कहा कि भारत मातृप्रधान देश है। जब भारत दुर्गा मां का मंदिर बनेगा, तब देश और भी ज्यादा शक्तिशाली बनेगा। अखंड भारत की स्थापना होगी। दुनिया में कहीं भी पाकिस्तान माता या चीन माता के जयकारे नहीं सुनाई देते, लेकिन भारत में भारत माता की जय बोली जाती है। दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं को भोग की वस्तु माना जाता है, जबकि भारत में महिलाओं को पूजनीय माना जाता है।
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नासिक की कॉर्पोरेट घटना के बारे में जानकर अगर लोगों को गुस्सा नहीं आता तो उन्हें सोचना चाहिए कि वे जीवित हैं या मृतप्राय। ऐसी मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना जरूरी है। अपनी संस्कृति के अनुसार शक्तिशाली बनना आवश्यक है।