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देश

सीमेंट कंपनियों पर CCI की बड़ी कार्रवाई: भारत की विकास रफ्तार के लिए पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अल्ट्राटेक, डालमिया भारत, श्री दिग्विजय सीमेंट्स और अन्य कंपनियों से 5 से 9 वर्षों के वित्तीय दस्तावेज मांगे हैं। यह कार्रवाई ONGC की एक शिकायत के बाद की गई है, जिसमें सीमेंट टेंडरों में गुटबाज़ी का आरोप लगाया गया था।

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Written By: News24 हिंदी Updated: Jul 4, 2025 21:39

निष्पक्ष व्यापार नियामक CCI ने आदित्य बिड़ला की कंपनी अल्ट्राटेक और उनके अधिकारियों को वित्तीय दस्तावेज़ पेश करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश तब दिया गया, जब कंपनियों के महानिदेशक द्वारा अपनी जांच में प्रतिस्पर्धा मानदंडों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। CCI ने डालमिया भारत सीमेंट्स और श्री दिग्विजय सीमेंट्स को आठ सप्ताह के भीतर बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाते सहित अपने वित्तीय ऑडिट की रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा है।

इंडिया सीमेंट्स को 5 तो डालमिया और श्री दिग्विजय को 9 साल का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश

CCI ने अल्ट्राटेक को अपनी सहायक कंपनी इंडिया सीमेंट्स के वित्त वर्ष 2015 से 2019 तक के 5 वर्षों के वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा है, जबकि डालमिया और श्री दिग्विजय सीमेंट्स को वित्त वर्ष 2011 से 2019 तक के नौ वर्षों के विवरण पेश करने का निर्देश दिया है।

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CCI ने अधिकारियों को भी दिया निर्देश

इसके साथ ही CCI ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी जांच रिपोर्ट पर औपचारिक प्रतिक्रिया के साथ-साथ 5 वर्षों के विस्तृत वित्तीय और आयकर रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करें। बताया जा रहा है कि CCI ने ईमेल के जरिए अल्ट्राटेक सीमेंट्स और डालमिया सीमेंट्स को यह नोटिस भेजा है। इतना ही नहीं  सीसीआई के नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि कंपनियां निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट  प्रस्तुत नहीं करती हैं या अधूरी/झूठी जानकारी देती हैं तो उनपर अधिनियम की धारा 45 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है।

ONGC की शिकायत पर हुई जांच

बता दें कि ONGC (तेल और प्राकृतिक गैस निगम) की तरफ से डायर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इन कंपनियों के टेंडरों में गुटबाज़ी हुई है। इसके बाद CCI ने यह निर्देश जारी किया था। शिकायत पर CCI ने 18 नवंबर 2020 को अपनी जांच इकाई के महानिदेशक को मामले पर ध्यान देने का निर्देश दिया था। 18 फरवरी 2025 को जांच रिपोर्ट आई, जिसमें प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन पाया गया था।

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जांच में सामने आया था कि इंडिया सीमेंट्स, श्री दिग्विजय सीमेंट्स और डालमिया सीमेंट्स एक बिचौलिए के साथ मिलकर प्रतिस्पर्धा-विरोधी मिलीभगत में शामिल थीं। बिचौलिए का नाम उमाकांत अग्रवाल बताया जा रहा है।

First published on: Jul 04, 2025 09:33 PM

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