---विज्ञापन---

देश angle-right

‘ब्रेन डेड’ गर्भवती को सैल्यूट! आखिरी पलों में भी कई लोगों को दे गई नई जिंदगी, जानें क्या है मामला?

Brain Dead Woman Organ Donation: गर्भवती हादसे का शिकार हो गई और डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया, लेकिन आखिरी पलों में भी वह कई लोगों को नई जिंदगी दे गई। एक नई जिंदगी भी दुनिया में आई। आइए जानते हैं कि मामला क्या है?

---विज्ञापन---

Organ Donation of Brain Dead Woman: ब्रेन डेड गर्भवती ने एक बेटे को जन्म दिया, वहीं दुनिया से जाते-जाते महिला ने कई और लोगों को भी नई जिंदगी दी। क्योंकि महिला की मौत के बाद पति और पिता ने उसके अंगदान कर दिए। उन्होंने महिला की किडनी और लीवर डोनेट किए हैं। मामला महाराष्ट्र के पुणे का है, जहां एक महिला गर्भावस्था के 9वें महीने में हादसे का शिकार हो गई। दिमाग में लगी चोट के कारण वह कोमा में चली गई और डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया, लेकिन डॉक्टरों ने उसके परिजनों से महिला की डिलीवरी कराने की परिमशन मांगी। परिजनों ने परमिशन दे दी और डॉक्टरों ने महिला का सी-सेक्शन किया तो उसने बेटे को जन्म दिया, जो बिल्कुल स्वस्थ है। इसके बाद परिजनों ने महिला के अंगदान करने का फैसला लिया।

यह भी पढ़ें:Mount Everest से 100 गुणा ऊंचे 2 पहाड़ मिले, जानें क्या कहती है वैज्ञानिकों की रिसर्च?

---विज्ञापन---

9वें महीने में हादसे का शिकार हुई महिला

पुणे के जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर की सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर आरती गोखले ने बताया कि महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर पीछे बैठी थी। दोनों कहीं जा रहे थे कि हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर गिरने से महिला के सिर में चोट लगी। उसे खून से लथपथ हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार देकर आगे के इलाज के लिए DPU सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रेफर किया गया, लेकिन 25 वर्षीय महिला मरीज के दिमाग में चोट लगी थी, जिस वजह से उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। महिला के पिता और पति ने इच्छा जताई कि वे चाहते हैं कि महिला किसी तरह दुनिया में जीवित रहे, इसलिए वे उसके अंगदान करना चाहते हैं। उन्होंने महिला की किडनी, लिवर और कॉर्निया डोनेट करने की इच्छा जताई।

यह भी पढ़ें:लिव इन रिलेशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, युवाओं में इस रिश्ते के तय होने चाहिए नियम

---विज्ञापन---

अस्पताल ने अंगदान के फैसले को सराहा

डॉ. डी.वाई. पाटिल विद्यापीठ, पिंपरी, पुणे (मानद विश्वविद्यालय) की प्रो-चांसलर डॉ. भाग्यश्री पाटिल ने कहा कि पत्नी का साथ छूटने के बावजूद शख्स ने अपनी जीवनसंगिनी के अंग दान करने का निस्वार्थ निर्णय लेकर अविश्वसनीय साहस और करुणा का परिचय दिया, जिससे जहां एक नई जिंदगी आई, वहीं कई लोगों को जीने का दूसरा मौका मिला। दिशानिर्देशों के अनुसार, महिला की एक किडनी, एक लीवर और 2 कॉर्निया आवंटित किए गए। दूसरी किडनी को जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर (ZTCC) पुणे के जरिए डोनेट किया गया। DPU सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट की HOD डॉ. वृषाली पाटिल ने कहा कि गर्भावस्था के 9वें महीने में महिला 20 जनवरी को अहमदनगर के पारनेर में हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित की गई थी।

यह भी पढ़ें:बिहार के लड़के के इश्क में कैसे पड़ी गोरी मेम? बन गई उसकी दुल्हन, पढ़ें अनोखी लव स्टोरी

---विज्ञापन---
First published on: Jan 26, 2025 09:36 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola