एशिया में पहली बार भारत ने की UN फेलोशिप की मेजबानी, अवैध हथियारों के प्रसार के खिलाफ वैश्विक सुरक्षा पहल को दी नई धार

कार्यक्रम ने 13 इंडो-पैसिफिक देशों के 18 मित्र देशों को एक साथ लाकर छोटे हथियारों और हल्के हथियारों की अवैध तस्करी और दुरुपयोग को कैसे रोका जाए उस पर चर्चा की गई.

Pawan Mishra
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एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए छोटे हथियारों और हल्के हथियारों नियंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैटेरियल्स मैनेजमेंट , जबलपुर में संपन्न हुआ. तीन सप्ताह के इस कार्यक्रम में पहली बार संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप की एशिया में मेजबानी की गई, जो अवैध छोटे हथियारों के प्रसार को रोकने के वैश्विक प्रयासों में भारत की बढ़ती भूमिका को बताया गया है.

कार्यक्रम ने 13 इंडो-पैसिफिक देशों के 18 मित्र देशों को एक साथ लाकर छोटे हथियारों और हल्के हथियारों की अवैध तस्करी और दुरुपयोग को कैसे रोका जाए उस पर चर्चा की गई.

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इस आयोजन में आर्म्स के अवैध प्रसार का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचे, भंडार प्रबंधन पर ट्रेनिंग दिया गया.

इस कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल संजय सेठी, एवीएसएम, वीएसएम, कमांडेंट एमसीएमएम ने अवैध छोटे हथियारों के प्रसार से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में बहुपक्षीय सहयोग, पेशेवर प्रशिक्षण और मजबूत संस्थागत तंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला.

उन्होंने जिम्मेदार हथियार प्रशासन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक शांति और सुरक्षा पहल को आगे बढ़ाने में संयुक्त राष्ट्र के साथ इसकी निरंतर साझेदारी को दोहराया.

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