बीएमसी की सत्ता से एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दूर रखने के लिए शिवसेना (उद्धव गुट) ने नई चाल चली है. सूत्रों, मुताबिक, बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनता है तो शिवसेना (UBT) के 65 पार्षद सदन से अनुपस्थित रहेंगे. अगर शिवसेना (यूबीटी) के 65 पार्षद अनुपस्थित रहे तो बहुमत का आंकड़ा 114 से घटकर 82 हो जाएगा, ऐसे में बीजेपी का मेयर बन जाएगा. ऐसे में मेयर पद के लिए भाजपा को एकनाथ शिंदे की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के मेयर पद को लेकर फडनवीस और उद्धव ठाकरे के बीच भी बातचीत हो रही है.
यह भी पढ़ें : मुंबई मेयर की जंग… होटल में ‘कैद’ पार्षदों पर अब कागजी पहरा, सेंधमारी रोकने के लिए शिंदे सेना का ‘मास्टर प्लान’
कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका में एकनाथ शिंदे अपना मेयर बनाने के लिए शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों को तोड़ने में लगे है, जिसके जवाब में शिवसेना (यूबीटी) मुंबई में बीजेपी के पीछे खड़ी दिख रही है. रिपोर्ट्स के मुातबिक, सीएम फडनवीस बीएमसी में शिंदे को मेयर, स्टैंडिंग, बेस्ट कमिटी कुछ भी देने को तैयार नहीं हैं. बताया जा रहा है कि इस बारे में फडनवीस ने पार्टी हाई कमान को भी जानकारी दे दी है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
227 वार्डों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है. भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं और शिवसेना (शिंदे) के पास 29 सीटें हैं. दोनों के पास कुल मिलाकर 118 सीटें हो जाती हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से काफी ज्यादा है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जिसने अकेले चुनाव लड़ा था, ने भी तीन वार्ड में जीत हासिल की है. उम्मीद जताई जा रही है कि वह अपना समर्थन महायुति को ही देंगे.
यह भी पढ़ें : उद्धव या BJP… शिंदे को डर किससे? ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ के बीच एकनाथ शिंदे को ‘खुला चैलेंज’ भी मिला
दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) ने 65, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने छह और एनसीपी (शरद पवार) ने एक वार्ड जीता है. यह संख्या 72 तक पहुंचती है. कांग्रेस ने 24 वार्ड, एआईएमआईएम ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो जीते हैं. यदि विपक्ष एकजुट होने का फैसला करता है, तो यह आंकड़ा 106 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत से आठ कम है. लेकिन अगर विपक्ष चाहे तो खेला कर सकती है. बस उसे आठ पार्षद ही अपने पाले में लाने हैं. हालांकि, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है.
वहीं, एक अन्य खबर के मुताबिक, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि भाजपा वाले अपने मेयर की बात करते हैं, एकनाथ शिंदे के पास पूरे 30 नगरसेवक भी नहीं हैं, वह अपने मेयर की बात करते हैं. अब जिन्हें (मेयर) बनाना है, वे बना लेंगे. हम लोग अभी भी हैं न, 'टाइगर अभी जिंदा है'. अभी भी शिवसेना और हमारे साथियों के पास ऐसा आंकड़ा है जो उन्हें चुनौती दे सकता है. लेकिन कभी-कभी मजा भी लेना चाहिए.
बीएमसी की सत्ता से एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दूर रखने के लिए शिवसेना (उद्धव गुट) ने नई चाल चली है. सूत्रों, मुताबिक, बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनता है तो शिवसेना (UBT) के 65 पार्षद सदन से अनुपस्थित रहेंगे. अगर शिवसेना (यूबीटी) के 65 पार्षद अनुपस्थित रहे तो बहुमत का आंकड़ा 114 से घटकर 82 हो जाएगा, ऐसे में बीजेपी का मेयर बन जाएगा. ऐसे में मेयर पद के लिए भाजपा को एकनाथ शिंदे की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के मेयर पद को लेकर फडनवीस और उद्धव ठाकरे के बीच भी बातचीत हो रही है.
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कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका में एकनाथ शिंदे अपना मेयर बनाने के लिए शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों को तोड़ने में लगे है, जिसके जवाब में शिवसेना (यूबीटी) मुंबई में बीजेपी के पीछे खड़ी दिख रही है. रिपोर्ट्स के मुातबिक, सीएम फडनवीस बीएमसी में शिंदे को मेयर, स्टैंडिंग, बेस्ट कमिटी कुछ भी देने को तैयार नहीं हैं. बताया जा रहा है कि इस बारे में फडनवीस ने पार्टी हाई कमान को भी जानकारी दे दी है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
227 वार्डों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है. भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं और शिवसेना (शिंदे) के पास 29 सीटें हैं. दोनों के पास कुल मिलाकर 118 सीटें हो जाती हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से काफी ज्यादा है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जिसने अकेले चुनाव लड़ा था, ने भी तीन वार्ड में जीत हासिल की है. उम्मीद जताई जा रही है कि वह अपना समर्थन महायुति को ही देंगे.
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दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) ने 65, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने छह और एनसीपी (शरद पवार) ने एक वार्ड जीता है. यह संख्या 72 तक पहुंचती है. कांग्रेस ने 24 वार्ड, एआईएमआईएम ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो जीते हैं. यदि विपक्ष एकजुट होने का फैसला करता है, तो यह आंकड़ा 106 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत से आठ कम है. लेकिन अगर विपक्ष चाहे तो खेला कर सकती है. बस उसे आठ पार्षद ही अपने पाले में लाने हैं. हालांकि, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है.
वहीं, एक अन्य खबर के मुताबिक, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि भाजपा वाले अपने मेयर की बात करते हैं, एकनाथ शिंदे के पास पूरे 30 नगरसेवक भी नहीं हैं, वह अपने मेयर की बात करते हैं. अब जिन्हें (मेयर) बनाना है, वे बना लेंगे. हम लोग अभी भी हैं न, ‘टाइगर अभी जिंदा है’. अभी भी शिवसेना और हमारे साथियों के पास ऐसा आंकड़ा है जो उन्हें चुनौती दे सकता है. लेकिन कभी-कभी मजा भी लेना चाहिए.