---विज्ञापन---

देश angle-right

‘कीचड़’ कांड में बड़ा फैसला, महाराष्ट्र के BJP मंत्री नितेश राणे को एक महीने की जेल की सजा, जानें क्या है मामला?

Nitesh Rane Mud Incident: NHAI के इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के 5 साल पुराने मामले में BJP मंत्री नितेश राणे को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है। मामला महाराष्ट्र का है और सिंधुदुर्ग कोर्ट में केस चल रहा था, जिसका निपटारा बीते दिन देर शाम हुआ।

---विज्ञापन---

महाराष्ट्र के कीचड़ कांड में कोर्ट का फैसला आ गया है। सिंधुदुर्ग कोर्ट ने आरोपी नितेश राणे को दोषी करार दिया है और एक महीने की जेल की सुनाई है। नितेश राणे महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री हैं और BJP के कोटे से फडणवीस सरकार का हिस्सा हैं। मामला 2019 का है और 5 साल बाद मामले में फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि नितेश राणे ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए NHAI के इंजीनियर पर कीचड़ फेंका, जबकि कानून बनाने वालों को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।

‘बर्थडे रील’ के लिए सड़क पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस जांच में जुटी

---विज्ञापन---

29 अन्य आरोपियों को केस में बरी किया गया

बता दें कि कोर्ट ने नितेश राणे की सजा को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने का समय दिया है। वहीं मामले में अन्य 29 आरोपियों को बरी किया जा चुका है। घटना 4 जुलाई 2019 की है। उस समय नितेश राणे कांग्रेस के विधायक थे और मुंबई-गोवा राजमार्ग को चौड़ा करने के लिए चल रहे काम से नाराज थे। उनका कहना था कि खराब क्वालिटी का मैटेरियल इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़कों पर जलभराव के खिलाफ भी वे आवाज उठा रहे थे।

शिकायतकर्ता और पीड़ित NHAI इंजीनियर

नितेश राणे ने बातचीत करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को बुलाया। दोनों की मुलाकात कंकावली के पास पुल पर हुई। बातचीत के दौरान गहमागहमी हुई और राणे ने समर्थकों के साथ मिलकर प्रकाश पर कीचड़ से भरा पानी फेंक दिया। प्रकाश को जबरन कीचड़ में चलने के लिए मजबूर किया गया। विरोध जताते हुए प्रकाश ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया।

---विज्ञापन---

आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए

नितेश राणे के अलावा 29 अन्य लोगों पर दंगा करने, ड्यूटी करने रोकने के लिए हमला करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप लगाए। अदालत ने नितेश राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत दोषी ठहराया और एक महीने की जेल की सजा सुनाई। जबकि अन्य 29 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दंगा करने और सरकारी कर्मचारी को रोकने के सबूत भी नहीं मिले, इसलिए उन आरोपों में राणे को भी राहत मिली।

सफाई व्यवस्था पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 16 कर्मचारी सस्पेंड ; नगर निगम में मचा हड़कंप

---विज्ञापन---

सरकारी कर्मचारी की बेइज्जती और अपमान

बता दें कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीएस देशमुख ने की। उन्होंने कहा कि बेशक नितेश राणे का इरादा नेक था, लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी को पब्लिकली अपमान या बेइज्जत नहीं करना चाहिए था। ऐसे में सरकारी कर्मचारी गरिमा के साथ अपने कर्तव्य नहीं निभा पाते। सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारी को जलील किया गया। शिकायतकर्ता NHAI में बड़े पद पर कार्यरत था, यह जानते हुए भी उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिससे उसे बेइज्जती महसूस हुई।

First published on: Apr 28, 2026 06:04 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola