---विज्ञापन---

मुंबई angle-right

सफाई व्यवस्था पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 16 कर्मचारी सस्पेंड ; नगर निगम में मचा हड़कंप

महाराष्ट्र के धुले शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है. शहरभर में फैली गंदगी और कचरे के ढेरों ने जब हालात बिगाड़ दिए, तो मेयर की शिकायत के बाद कमिश्नर ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए एक साथ 16 अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया. धुले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. धुले से पवन मराठे की रिपोर्ट.

---विज्ञापन---

महाराष्ट्र के धुले शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है. शहरभर में फैली गंदगी और कचरे के ढेरों ने जब हालात बिगाड़ दिए, तो मेयर की शिकायत के बाद कमिश्नर ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए एक साथ 16 अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया. धुले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, मेयर मायादेवी परदेशी पिछले कई दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को लगातार निर्देश दे रही थीं. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में कचरे का अंबार लगा रहा. नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के बीच जब मेयर और कमिश्नर ने खुद जमीनी हकीकत का जायजा लिया, तो हालात बेहद चिंताजनक पाए गए.

---विज्ञापन---

निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही के बाद मेयर ने तुरंत कमिश्नर से सख्त कार्रवाई की मांग की. इसके बाद कमिश्नर ने महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के सेक्शन 56(2) और महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज एक्ट 1979 के तहत कार्रवाई करते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट के चीफ सैनिटेशन इंस्पेक्टर समेत कुल 16 अधिकारियों और कर्मचारियों को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया.

सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में राजेश वसावे, लक्ष्मण पाटिल, चंद्रकांत जाधव, रूपेश पवार, सौजाद शेख, आसिफ बाग, गौतम गोयर, अर्जुन जाधव, अनिल जावड़ेकर, आकाश चांगरे, चेतन गोयर, कैलास पाटिल, साजिद शेख, किशोर मोरे, दत्तात्रेय माली और सफर बेग शामिल हैं.

---विज्ञापन---

कमिश्नर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सस्पेंशन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी मुख्यालय की सीमा बिना अनुमति नहीं छोड़ सकेंगे. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता दिया जाएगा और सस्पेंशन की एंट्री उनकी सर्विस बुक में दर्ज की जाएगी. साथ ही, एक महीने के भीतर कामकाज में सुधार नहीं होने की स्थिति में सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जा सकती है.

इस सख्त कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है. वहीं, शहरवासियों को उम्मीद है कि इस कदम से धुले में सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी.

---विज्ञापन---
First published on: Apr 23, 2026 07:00 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola