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VIDEO में मुस्लिमों की तस्वीर पर बंदूक ताने दिखे असम CM, विपक्ष ने जमकर घेरा तो BJP को करना पड़ा डिलीट

असम भाजपा ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट किया था, जिसे भारी हंगामे के बाद हटा दिया गया. इसे कांग्रेस ने 'नरसंहार का आह्वान' करार दिया है.

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Edited By : Arif Khan Updated: Feb 8, 2026 21:59

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक वीडियो को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए. उनका एक वीडियो असम भाजपा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें वह मुस्लिमों की फ्रेम की गई तस्वीरों पर गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे थे. विपक्ष ने इसे ‘नरसंहार का आह्वान’ बताया है.

असम भाजपा ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट किया था, जिसे भारी हंगामे के बाद हटा दिया गया. वीडियो में कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई टोपी पहने हुए दिख रहे हैं, और एक मुस्लिम व्यक्ति की फ्रेम की गई तस्वीर है, इन दोनों की तरफ असम सीएम सरमा बंदूक तानकर गोली मारते हुए दिख रहे हैं. जिस दीवार पर फोटो टंगी थी, उस पर लिखा है, ‘नो मर्सी’ यानी कोई दया नहीं. पोस्ट का कैप्शन ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था.

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इसे कांग्रेस ने ‘नरसंहार का आह्वान’ करार दिया है. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने एक पोस्ट में लिखा, ‘यह नरसंहार के आह्वान के अलावा और कुछ नहीं है. एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी सरकार दशकों से संजोए हुए है.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘यह कोई सामान्य वीडियो नहीं है जिसे ट्रोल कंटेंट मानकर नजरअंदाज कर दिया जाए. यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है.’

साथ ही उन्होंने न्यायपालिका से कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि ये तो उम्मीद नहीं है कि पीएम मोदी इसकी निंदा करेंगे या कोई कार्रवाई करेंगे. लेकिन न्यायपालिका को कार्रवाई करनी चाहिए.

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कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से किए गए पोस्ट में कहा गया, ‘भाजपा के असम के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया जो अल्पसंख्यकों पर हमले और ‘पॉइंट-ब्लैंक’ हत्या का महिमामंडन करता दिख रहा है. यह बेहद घृणित और विचलित करने वाला है. इसे रैंडम ट्रोल कंटेंट कहकर खारिज नहीं किया जा सकता. यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार के आह्वान के समान है.’

साथ ही कहा गया है, ‘यह इस फासीवादी सरकार का असली चेहरा है. जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है. और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज में दुश्मनी और जहर फैलाने वाले इस कृत्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.’

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ममता बनर्जी की टीएमसी ने भी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा है, ‘यह वही व्यक्ति है जिसने पहले लोगों से रिक्शा किराया कम देकर अल्पसंख्यकों को परेशान करने को कहा था. लेकिन अब, क्रूरता बड़े स्तर पर पहुंच गई है. वे खून के प्यासे हैं, और संस्थानों को उन्हें रोकने की चुनौती दे रहे हैं.’

First published on: Feb 08, 2026 09:59 PM

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