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‘मेरे 6 बच्चे, आपको किसने रोका, आप 8 पैदा कीजिए…’, असदुद्दीन ओवैसी का किस BJP नेता पर निशाना?

असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा नेता नवनीत राणा का नाम लिए बिना, उन पर निशाना साधा कि आप चार क्यों, आप आठ बच्चे पैदा करें, आपको किसने रोका है?

Author Edited By : Arif Khan
Updated: Jan 6, 2026 12:51
ओवैसी ने मोहन भागवत और एन. चंद्रबाबू नायडू पर भी निशाना साधा.

भाजपा नेता नवनीत राणा ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा था कि भारत को पाकिस्तान जैसा बनने से रोकने के लिए चार बच्चे पैदा करने चाहिए. इस पर बिना नाम लिए हुए पलटवार करते हुए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनके छह बच्चे हैं और पूछा कि ‘उन्हें आठ बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है.’

महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली में उन्होंने कहा, ‘मेरे छह बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है. किसी ने कहा कि चार बच्चे होने चाहिए. चार क्यों? आठ बच्चे पैदा कीजिए, आपको कौन रोक रहा है?’

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ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयानों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सभी कह रहे हैं कि ज्यादा बच्चे पैदा करो. आप अभी से ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? मैं आपको 20 बच्चे पैदा करने की चुनौती देता हूं.

इससे पहले, भाजपा नेता राणा ने बयान दिया था कि कुछ लोगों की कई पत्नियां और कई बच्चे होते हैं, जिससे उनकी आबादी बढ़ती रहती है. और उन्होंने उसका मुकाबला करने के लिए हिंदुओं से ‘भारत की रक्षा के लिए कम से कम तीन से चार बच्चे’ पैदा करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था, ‘मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं. ये लोग खुलेआम कहते हैं कि उनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं. मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे नहीं पता कि वह मौलाना हैं या कोई और, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, लेकिन वह 30 बच्चों का कोरम पूरा नहीं कर सके. वे बड़ी संख्या में बच्चों को जन्म देकर हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलने की योजना बना रहे हैं, तो हम केवल एक बच्चे से क्यों संतुष्ट रहें? हमें भी तीन से चार बच्चों को जन्म देना चाहिए.’

भाजपा नेता के बयान पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने इसे आरएसएस और भाजपा की ‘पागलपन भरी सोच’ बताया. टैगोर ने कहा, ‘हमें संख्याओं में वैज्ञानिक होना चाहिए, इस तरह के अंधविश्वासी या अवैज्ञानिक तरीके से नहीं. भारत की जनसंख्या वृद्धि एक चिंताजनक कहानी है… जो राज्य जनसंख्या को स्थिर करने में असमर्थ हैं, वे पीड़ित हैं… आरएसएस और भाजपा की ऐसी पागल सोच खत्म होनी चाहिए.’

First published on: Jan 06, 2026 12:16 PM

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