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मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच भारतीय सेना ने कसी अपनी कमर, तैयार किया FF Bot; क्या है इसकी खासियत?

पिछले कुछ सालों से जो युद्ध का मंजर दिखा, युद्ध की घातक तस्वीरों ने पूरी दुनिया के सामने यही सवाल खड़ा कर दिया कि वर्तमान का युद्ध पुरानी नीति पर नहीं बल्कि अब युद्ध की नीति और रणनीति दोनों ही बदलनी पड़ेगी. क्योंकि अब सिर्फ जमीनी स्तर की लड़ाई नहीं हो रही है. अब लड़ाई एयर वॉर पर आ चुकी है.

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Written By: Pawan Mishra Updated: Apr 9, 2026 19:12

पिछले कुछ सालों से जो युद्ध का मंजर दिखा, युद्ध की घातक तस्वीरों ने पूरी दुनिया के सामने यही सवाल खड़ा कर दिया कि वर्तमान का युद्ध पुरानी नीति पर नहीं बल्कि अब युद्ध की नीति और रणनीति दोनों ही बदलनी पड़ेगी. क्योंकि अब सिर्फ जमीनी स्तर की लड़ाई नहीं हो रही है. अब लड़ाई एयर वॉर पर आ चुकी है.

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अगर सिर्फ दोनों देशों के बीच का युद्ध होता तो मिसाइल हमला ताबड़तोड़ किया जाता है. लेकिन मिसाइल से हमला तो होता ही है उसके बाद का जो हर्ष होता है वह बेहद खतरनाक होता है. मिसाइल के हमले से लगने वाली आग इस हमले से भी बड़ी होती है. अगर भविष्य में भारतीय सेना के सामने युद्ध जैसी स्थिति आती है तो उससे निपटने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने बेहद ही खास तैयारी की है.

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आपको बता दें कि भारतीय वायु सेना ने स्वदेशी FF Bot यानी फायर फाइटिंग रोबोट को तैयार किया है. रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास, अजरबैजान-आर्मीनिया, अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्ध ने यह साफ तौर पर दर्शा दिया है कि भविष्य के युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और रिस्पॉन्स सिस्टम से भी तय होंगे और यही वजह है कि इंडियन एयरफोर्स ने स्वदेशी FF Bot यानी फायरफाइटिंग रोबोट को तैयार किया है.

देश की सुरक्षा के साथ ही इसे आत्मनिर्भर भारत से बने रक्षा सामानों में भी बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर एयरबेस पर हमला हुआ तो उसके बाद स्थिति से कैसे निपटा जाए उसके लिए तैयार किया गया है.

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FF Bot की अचानक क्यों पड़ी जरूरत?

बड़ा हमला ही नहीं, सिर्फ एक छोटा सा हमला भी विनाश का कारण बन सकता है. इसका ताजा उदाहरण तेहरान में देखने को मिला. जब ईंधन के एक बड़े डिपो पर अचानक हमला हो गया. जिसके बाद इस डिपो में भयंकर आग लग गई. इसके अलावा, इस्फहान में बम धमाकों के बाद एक के बाद एक विस्फोट ने युद्ध की पूरी नीति ही बदल कर रख दी. क्योंकि हमले के बाद कई दिनों तक आग और धमाके होते रहे.

एयरफोर्स के एक विंग कमांडर के मुताबिक, अगर एयरबेस के फ्यूल स्टोरेज, हथियार डिपो या हैंगर को नुकसान पहुंचता है, तो रनवे सही होने के बावजूद पूरा बेस ठप हो सकता है और इसी स्थिति को भांपते हुए इंडिया एयरफोर्स ने FF Bot को अपने बेड़े में शामिल करने का तुरंत ही प्लान बना डाला.

क्या है FF Bot की खासियत?

  • वो जगह जहां पर सैनिकों को खतरा हो सकता है, वहां पर यह रोबोट बहुत मददगार साबित होगा.
  • तापमान चाहे कितना भी गर्म क्यों न हो यह रोबोट बेहद ही आसान ढंग से काम करने की ताकत रखता है. इसमें सबसे खास बात यह है कि यह रिमोट कंट्रोल से ऑपरेशन और धुएं में भी देखने के लिए थर्मल इमेजिंग की क्षमता रखता है.
  • इसके अलावा 360 डिग्री घूमने की क्षमता, पानी और फोम से आग बुझाने की सुविधा और लाइव वीडियो फीड से कमांडरों को जानकारी भी दे सकता है.
  • यह रोबोट फ्यूल डिपो, हथियार भंडार, एयरक्राफ्ट हैंगर जैसे हाई-रिस्क इलाकों में जाकर शुरुआती मिनटों में आग को काबू कर सकता है.
  • इंडियन एयरफोर्स ने इसे अपने बेड़े में शामिल करके अपनी ताकत को मजबूत करने के साथ ही भविष्य के युद्ध में ऑटोमेटेड सिस्टम्स की मौजूदगी को भी आगे बढ़ाएगी.

First published on: Apr 09, 2026 06:51 PM

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