आतंकवाद और आतंकियों के खिलाफ भारत सरकार ने आज 7 मई दिन बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसकी आधिकारिक जानकारी भारतीय सेना और भारत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी। साढ़े 10:30 बजे नई दिल्ली में गृह मंत्रालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहलगाम आतंकी हमले, पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक का 2 मिनट का वीडियो भी प्ले किया। ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या बताया गया, आइए जानते हैं…
क्या बोले विदेश सचिव?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए की गई थी। पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ था, वह कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल होने से रोकने के उद्देश्य से किया गया था। पहलगाम में हमला अत्यंत बर्बरतापूर्ण था, जिसमें पीड़ितों को नजदीक से सिर में गोली मारकर, उनके परिवार के सामने ही मौत के घाट उतार दिया गया था। लोगों को जानबूझ कर मारा गया और परिवार को धमकाया गया। बर्बरता का संदेश देने को कहा गया। चूंकि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन फिर से फल-फूल रहा था, इसलिए हमले का मुख्य उद्देश्य उसे नुकसान पहुंचाना था।
विदेश सचिव ने कहा कि रेजिस्टेंस फ्रंट नामक आतंकी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। NIA की जांच में आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है। खुफिया जानकारी से संकेत मिले कि भारत के खिलाफ और आतंकी हमले होने वाले हैं। उन्हें रोकना और आतंकियों से निपटना जरूरी समझा गया। यह आवश्यक समझा गया कि पहलगाम हमले के अपराधियों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
15 दिन बीत जाने के बावजूद पाकिस्तान की ओर से अपने क्षेत्र में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसलिए आज सुबह भारत ने सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए जवाब देने के अपने अधिकार का प्रयोग किया। हमारी कार्रवाई नपी-तुली और जिम्मेदाराना थी। आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पाकिस्तान के किसी भी सैन्य ठिकाने या रिहायशी इलाके पर हमला नहीं किया गया।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने क्या बताया?
कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किए आतंकी शिविरों का वीडियो दिखाया, जिसमें सियालकोट का महमूना जोया शिविर भी शामिल है। यह कैंप पाकिस्तान के अंदर 12-18 किलोमीटर अंदर स्थित है। यह हिज्बुल मुजाहिदीन के सबसे बड़े शिविरों में से एक है।
यह कठुआ और जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद फैलाने के लिए एक हैंडलर में से एक है। इस कैंप में ही पठानकोट वायुसेना बेस शिविर पर हमले की योजना बनाई गई थी। सियालकोट में ही सरजाल कैंप भी ध्वस्त किया गया है, जो पाकिस्तान में 6 किलोमीटर अंदर स्थित है। इस कैंप में जम्मू-कश्मीर के 4 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल आतंकवादियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
मुरीदके का आतंकी शिविर भी ध्वस्त किया गया है, जहां साल 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल आतंकवादियों अजमल कसाब और डेविड हेडली ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था। पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया और अब तक पाकिस्तान में किसी नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
LOC से 9 किमी और 13 किमी दूर स्थित मरकज अहले हदीस, बरनाला और मरकज अब्बास, कोटली को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा निशाना बनाया गया। आतंकवादी स्थल मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर, पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा निशाना बनाया गया।