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अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद बोइंग विमान को लेकर फिर चर्चा होने लगी है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया के पास अभी 27  बोइंग 787-8 ड्रीलाइनर विमान हैं। इनमें से 1 विमान अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया है। इन सभी को अमेरिका से खरीदा गया था। बोइंग प्लेन का बनाने वाली अमेरिकी कंपनी का दावा है कि कई तकनीकी जांच के बाद इसे देशों को बेचा जाता है।

लंदन, सिंगापुर, दुबई, टोक्यो और सिडनी के लिए भरते हैं उड़ान

एयर इंडिया के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत इन विमानों का इस्तेमाल इंटनेशनल उड़ानों के लिए करता है। बोइंग 787-8 ड्रीलाइनर विमान अहमदाबाद, दिल्ली, और मुंबई से सबसे ज्यादा इंटरनेशनल उड़ानों के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। यात्री इन विमानों को लंदन, सिंगापुर, दुबई, टोक्यो और सिडनी जैसी डेस्टिनेशन्स के लिए इस्तेमाल करते हैं। कंपनी दावा करती है कि इन विमानों की गिनती दुनिया के सबसे अधिक हाईटेक विमानों में होती है, लेकिन अहमदाबाद हादसे ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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बोइंग ने साल 2025 में दुनिया भर बेचे 1700 से ज्यादा प्लेन

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग द्वारा साल 2025 में दुनिया के अलग-अलग देशों को करीब 1700 से ज्यादा प्लेन बेचे गए हैं। देश इन विमानों का इस्तेमाल लंबी दूरी यात्रा के लिए करते हैं। एशिया और अलावा यूरोप के भी कई देशों में बोइंग प्लेन का इस्तेमाल होता है।

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बोइंग के इतिहास में पहली बार हुआ उनका प्लेन क्रैश

बोइंग के787-8 वेरिएंट वाले प्लेन ने साल 2009 पहली उड़ान भरी थी। अपने 15 सालों के इतिहास में पहली बार यह प्लेन हादसे का शिकार हुआ है। इसकी गिनती दुनिया के सबसे हाईटेक विमानों में होगी। इसकी बॉडी कार्बन फाइबर कंपोजिट से बनी होती है। बोइंग का दावा है कि यह कम फ्यूल खर्च में लंबी दूरी की यात्रा करती है।

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First published on: Jun 12, 2025 10:12 PM

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