Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

26/11 अटैक में 20 प्रेग्नेंट लेडीज को बचाने वाली नर्स कौन? जानें कैसी बचाईं जान

मुंबई 26/11 हमले के दौरान आंतकवादियों से 20 गर्भवती महिलाओं की जान नर्स अंजलि विजय कुलथे ने बचाई थी।

Author
Edited By : Deepti Sharma Updated: Apr 11, 2025 09:53
national news
national news

मुंबई के 26/11 आतंकी हमले को 17 साल गुजर चुके हैं, लेकिन इसकी घटना आज भी लोगों को याद है। एक ऐसी घटना कामा एंड अल्बलेस अस्पताल से जुड़ी है, जहां पर आतंकियों ने अस्पताल पर हमला किया था और एक बहादुर नर्स ने जान जोखिम में डालकर 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई थी। ऐसी ही एक नायिका हैं नर्स अंजलि कुलथे, जिन्होंने मुंबई के कामा अस्पताल में भर्ती 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई और उनमें से एक, हाई ब्लड प्रेशर की हाई रिस्क फैक्टर वाली मरीज थी, उसका सुरक्षित प्रसव कराया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर की रात करीब 9.30 बजे उन्हें सूचना मिली कि सीएसटी स्टेशन पर हमला करने वाले आतंकवादी कामा अस्पताल की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ ही मिनटों बाद, उन्हें अस्पताल के पीछे की गली से गोलियों की आवाज सुनाई दी।

उन्होंने कहा कि खिड़की से बाहर देखा कि 2 आतंकवादी भाग रहे हैं और पुलिस उन पर गोलियां चला रही है। फिर आतंकवादी निचले गेट से कूदकर अस्पताल परिसर में घुस गए। उन्होंने दो सुरक्षा गार्डों को गोली मार दी, जो ढेर में पड़े हुए थे। जब उन्होंने हमें खिड़की पर देखा, तो उन्होंने गोलियां चला दीं और इसमें एक कर्मचारी घायल हो गया। वो उसे अस्पताल ले गईं और सभी को बताया कि आतंकवादी अस्पताल में घुस आए हैं।

---विज्ञापन---

नर्स ने हाइपरटेंशन वाली मरीज कराई थी डिलीवरी

नर्स ने वापस आते ही वार्ड के मुख्य दरवाजे बंद कर दिए और 20 मरीजों को पेंट्री में ले गईं। मोबाइल फोन और लाइट्स बंद कर दी गईं और वे अंधेरे में बैठ गए। कुछ ही देर बाद हाइपरटेंशन की मरीज को लेबर पेन शुरू हो गया। डॉक्टर ने वार्ड में आने से मना कर दिया, क्योंकि तब तक अस्पताल के अंदर गोलीबारी शुरू हो चुकी थी। कुलथे ने बताया कि वह मरीज को सीढ़ियों से लेबर रूम ले गईं, एक-एक कदम ऊपर चढ़ते हुए, दीवार के पास खड़ी रहीं। सुबह तक उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका नाम उस रात की याद में ‘गोली’ रखा गया।

अस्पताल पर 5 घंटे तक चला था हमला

उस रात अस्पताल पर 5 घंटे तक हमला हुआ। दो सुरक्षा गार्डों के अलावा एक और अस्पताल कर्मचारी की मौत हो गई। कुलथे ने बताया कि अस्पताल में काम करने वाले हम में से कोई भी- डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी, उस रात को कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्होंने गोलियां चलाईं, लोगों को मारा, कोई भी इसे कभी नहीं भूल सकता। पूरे देश के लिए यह दुख और डर की रात थी।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- ‘NIA की रिमांड में तहव्वुर राणा बड़े नाम करेगा रिवील’, पूर्व अधिकारी ने जताया ‘षड्यंत्र’ का शक

First published on: Apr 11, 2025 09:53 AM

संबंधित खबरें