जम्मू-कश्मीर के जाने-माने टूरिस्ट प्लेस गुलमर्ग में सोमवार को मशहूर गोंडोला केबल कार सेवा अचानक तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिससे करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
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क्या है मामला?
ये घटना तब हुई जब नॉर्थ कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी मैदानों और स्की ढलानों तक पर्यटकों को ले जाने वाली फेमस केबल कार सेवा अचानक रुक गई, जिससे यात्री ऊबड़-खाबड़ इलाके के ऊपर लटकी केबल कारों में फंस गए. चश्मदीदों ने बताया कि रोपवे में फंसे पर्यटकों में दहशत का माहौल था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. सेना की 9 राजपुताना राइफल्स, जम्मू और कश्मीर पुलिस और स्थानीय नागरिक प्रशासन की बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और उन्हें निकालने के प्रयास शुरू किए गए. अधिकारियों ने बताया कि टीमों ने बड़ी ही सावधानी के साथ यात्रियों को निकाला और अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन सही ढंग से चल रहा है.
रोपवे में क्यों आई खराबी?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इलाके को सुरक्षित करने और व्यवस्थित रूप से लोगों को निकालने के लिए तत्काल कदम उठाए गए. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के इलाज के लिए डॉक्टर्स की टीम भी तैयार थी. गनीमत ये रही कि कोई बड़ा हादसा होने से टल गया और कोई भी इसमें घायल नहीं हुआ. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की वजह का पता लगाने के लिए गोंडोला संचालन कर्मचारी और इंजीनियर जांच कर रहे हैं. प्रशासन ने पर्यटकों से बचाव कर्मियों के साथ सहयोग करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की. आपको बता दें कि गुलमर्ग गोंडोला, एशिया की सबसे ऊंची केबल कार सिस्टम में से एक है. ये देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए मेन आकर्षण का सेंटर है. घाटी में पर्यटकों से होने वाली आमदनी में इसका खास रोल है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गहराई से जांच की जाएगी.
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जम्मू-कश्मीर के जाने-माने टूरिस्ट प्लेस गुलमर्ग में सोमवार को मशहूर गोंडोला केबल कार सेवा अचानक तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिससे करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
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क्या है मामला?
ये घटना तब हुई जब नॉर्थ कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी मैदानों और स्की ढलानों तक पर्यटकों को ले जाने वाली फेमस केबल कार सेवा अचानक रुक गई, जिससे यात्री ऊबड़-खाबड़ इलाके के ऊपर लटकी केबल कारों में फंस गए. चश्मदीदों ने बताया कि रोपवे में फंसे पर्यटकों में दहशत का माहौल था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. सेना की 9 राजपुताना राइफल्स, जम्मू और कश्मीर पुलिस और स्थानीय नागरिक प्रशासन की बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और उन्हें निकालने के प्रयास शुरू किए गए. अधिकारियों ने बताया कि टीमों ने बड़ी ही सावधानी के साथ यात्रियों को निकाला और अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन सही ढंग से चल रहा है.
रोपवे में क्यों आई खराबी?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इलाके को सुरक्षित करने और व्यवस्थित रूप से लोगों को निकालने के लिए तत्काल कदम उठाए गए. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के इलाज के लिए डॉक्टर्स की टीम भी तैयार थी. गनीमत ये रही कि कोई बड़ा हादसा होने से टल गया और कोई भी इसमें घायल नहीं हुआ. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की वजह का पता लगाने के लिए गोंडोला संचालन कर्मचारी और इंजीनियर जांच कर रहे हैं. प्रशासन ने पर्यटकों से बचाव कर्मियों के साथ सहयोग करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की. आपको बता दें कि गुलमर्ग गोंडोला, एशिया की सबसे ऊंची केबल कार सिस्टम में से एक है. ये देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए मेन आकर्षण का सेंटर है. घाटी में पर्यटकों से होने वाली आमदनी में इसका खास रोल है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गहराई से जांच की जाएगी.
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