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टीनएजर्स में ये 10 बदलाव हो सकते हैं डिप्रेशन के लक्षण, जानें कैसे निकाले हल

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World Mental Health Day 2023: हर साल 10 अक्टूबर को मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है, इसलिए लोगों से लेकर बच्चों में जागरूकता लाने के लिए यह दिन मनाया जाता है। बदलती जीवनशैली के कारण कई तरह के मेंटल तनाव से जूझते हैं। इसी कारण यह समस्या काफी गंभीर हो सकती है और सबसे ज्यादा तो अपने टीनएजर बच्चे में डिप्रेशन को देखते हैं। बच्चों में कैसे पता लगा सकते हैं,जानिए।

मानसिक स्वास्थ्य की परेशानी अक्सर बड़ों में ही नहीं बल्कि किशोरों (Teenager) में भी हो सकती है। बदलते हार्मोन्स की वजह से बच्चे पहले से ही कई बदलावों से जूझते हैं, उस पर ये मेंटल हेल्थ की समस्या उनकी लाइफ को और कठिन बना देती है। मेंटल हेल्थ की परेशानियों के चलते डिप्रेशन की समस्या होने की संभावना काफी ज्यादा हो सकती है। ऐसे में आप अपने बच्चों में लक्षणों को समय रहते पहचानकर उनकी मदद कर सकते हैं।

टीनएजर्स में कैसे करें डिप्रेशन की पहचान?

  • बेवजह रोना या दुखी रहना
  • हर छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करना
  • आत्म विश्वास की कमी होना
  • बातों को याद रखने में परेशानी होना
  • किसी काम पर फोकस न कर पाना
  • असफलता को लेकर सेंसिटिव होना
  • थकान होना
  • ड्रग्स या शराब का सेवन करना
  • नींद न आना या ज्यादा नींद आना
  • भूख न लगना
  • आत्महत्या के विचार मन में आना
  • स्कूल में खराब प्रदर्शन,  अकेलापन महसूस करना

देखा जाए तो टीनेजर्स में डिप्रेशन का पता करना या लगाना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कभी-कभी बदलते हार्मोन की वजह से बदलाव को ही लक्षण समझ लेते हैं।

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कैसे करें इससे डील

प्रोफेशनल हेल्प- डिप्रेशन के लक्षण बच्चों में दिखने पर डॉक्टर से मिलवाएं और समस्या बताएं। हमसे ज्यादा डॉक्टर बेहतर तरीके से पहचान कर सकते हैं।

टीनेजर्स की बातों को सुनें- अक्सर ऐसा होता है हम बच्चों की बात को इग्नोर कर देते हैं या काम में बिजी होने के कारण अनसुना करते हैं और अगर सुन भी लें तो उलटा उनको ही सलाह देने लगते हैं। यही कारण है बच्चे को लगने लगता है कि उन्हें कोई समझ नहीं पा रहा है। धीरे-धीरे बच्चे बातें शेयर करना बंद कर देते हैं। इसलिए कोशिश करें कि ध्यान से उनकी बातों को सुना जाए और समझा जाए।

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बच्चों से सवाल करें- बच्चों से प्यार से सवाल पूछें कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। इस तरह आप बदले बिहेवियर के पीछे की वजह को सही तरीके से समझ पाएंगे।

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बच्चों को आराम दें- डिप्रेशन होने के कारण बच्चों में थकान या एनर्जी की कमी महसूस हो सकती है, जिस कारण वे ज्यादा कामों को नहीं कर पाते हैं। इस बात पर उन्हें डांटे नहीं, बल्कि इसके पीछे की वजह को जानने की कोशिश करें।

जीवनशैली में बदलाव- लाइफस्टाइल का हमारी मेंटल हेल्थ पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए अपने बच्चों के साथ-साथ पूरे परिवार की तरफ उनके लाइफस्टाइल पर जरूर ध्यान दें। अपने बच्चों को हेल्दी खाना खिलाएं, एक्सरसाइज, सोने का समय तय करें, टीवी और मोबाइल टाइम टेबल बनाएं, जितना हो सके उनके साथ टाइम बिताएं।

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Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

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