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उष्ट्रासन करने पर क्या होता है? आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे, जानिए कैसे करते हैं यह योग

Ustrasana Benefits: सेहत को दुरुस्त रखने के लिए उष्ट्रासन किया जा सकता है. आयुष मंत्रालय से जानिए किस तरह उष्ट्रासन योग या कहें केमल पोज शरीर को फायदे देता है और सेहत को इससे कौन-कौन से लाभ मिलते हैं.

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How To Do Ustrasana: उष्ट्रासन यानी केमल पोज (Camel Pose) शरीर और मस्तिष्क को प्रभावित करने वाला योगासन है. इस योग को करने पर शरीर को बहुत से फायदे मिलते हैं. फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने से लेकर स्ट्रेस कम करने तक में उष्ट्रासन फायदेमंद साबित होता है. आयुष मंत्रालय ने बताया है कि उष्ट्रासन करने पर शरीर को क्या फायदे मिलते हैं. यहां जानिए घर पर किस तरह से उष्ट्रासन किया जा सकता है जिससे सेहत को इससे लाभ मिल सके.

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उष्ट्रासन करने के फायदे

आयुष मंत्रालय के अनुसार, उष्ट्रासन करने पर स्ट्रेंथ और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. यह ऐसा योगासन है जो कमर दर्द और गर्दन के दर्द को कम करने में मदद करता है. इससे पेट और हिप्स पर जमी चर्बी भी हटती है. वहीं, यह पाचन तंत्र के लिए अच्छा है और कार्डियो रेस्पिरेटरी डिसोर्डर्स को दूर रखने में मदद करता है. अगर आंखों की रोशनी बढ़ानी है तो इस योगासन को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं.

कैसे करें उष्ट्रासन

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  • उष्ट्रासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर या योगा मैट बिछाकर घुटनों के बल बैठ जाएं, आपके पंजे जमीन से लगने चाहिए और एड़ी ऊपर की तरफ होनी चाहिए.
  • अब अपने दोनों हाथों को शरीर के दोनों तरफ लेकर जाएं. आपको अपने हाथों से पीछे की तरफ झुकते हुए पैरों को छूना है.
  • गहरी सांस लें और अपनी पीठ और गर्दन को पीछे की तरफ झुकाते हुए लेकर जाएं. आपकी छाती आगे की तरफ फूली हुई दिखने लगेगी. कंधे पीछे की तरफ झुके हुए होंगे.
  • अपनी कमर को आगे की तरफ पुश करें और ग्लूट्स टाइट करते हुए रीढ़ को मोड़कर पीछे झुककर पोज मेंटेन करें. अपनी गर्दन को भी पीछे झुकाएं जिससे गर्दन पर एक्स्ट्रा प्रेशर ना पड़े.
  • इस पोज को 20 से 30 सेकंड के लिए होल्ड करें. गहरी सांस लें और फिर सामान्य हो जाएं.

उष्ट्रासन किसे नही करना चाहिए

अगर आपके घुटने में, गर्दन में, रीढ़ में, एंकल्स में या फिर कलाई में दर्द है तो इस योग को करने से बचें. इस बात का ध्यान रखें कि इस पोज को करने के लिए स्ट्रॉन्ग बॉडी-ब्रेथ कनेक्शन होना जरूरी है जिससे जॉइंट्स के दर्द से बचा जा सकते. किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत है तो डॉक्टर की सलाह लेकर इस योग को करना चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - Ministry Of Ayush 

First published on: Aug 24, 2026 12:18 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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