आंखों की पुतली का साइज, ताजा करेगा हमारी अच्छी यादें! रिसर्च में हुआ खुलासा

Sleeping Facts: नींद में हम सपने देखते हैं, जो अच्छे या बुरे दोनों हो सकते हैं। पर क्या आप जानते हैं नींद में आने वाले सपनों की पहचान हम अपनी आंखों के प्यूपिल के साइज से पता कर सकते हैं? चलिए आपको हैं इस नई रिसर्च के बारे में।

आंखों की पुतली का साइज, ताजा करेगा हमारी अच्छी यादें! रिसर्च में हुआ खुलासा

photo credit-freepik

Sleeping Facts: एक नई रिसर्च इस बारे में बताती है कि नींद के दौरान देखे गए सपनों का राज हमारी आंखों की पुतलियां खोल सकती हैं। जी हां, शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर हम किसी अच्छी याद के बारे में सपने में सोचते हैं या देखते हैं, तो हमारी आंखों की पुतली का साइज बदल सकता है। इस रिसर्च के बारे में हम आपको न्यूरोसाइंसन्यूज डॉट कॉम में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार बता रहे हैं। उन्होंने इस रिसर्च के बारे में और भी कई तथ्यों को पेश किया है। आइए जानते हैं।

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कहां हुई है यह रिसर्च?

एनडीटवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नेचर में पब्लिश एक खबर यह बताती है कि साइंटिस्टों ने पाया है कि प्यूपिल के साइज की यह रिसर्च न्यूरोबायोलॉजी एवं व्यवहार विभाग में सहायक प्रोफेसर अजाहारा ओलिवा और जीव विज्ञान के सहायक प्रोफेसर एवं नैन्सी एवं पीटर मेनिग फैमिली ने की है, जो कि कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हैं। उन्होंने चूहों पर यह अध्ययन किया है। चूहों के द्वारा बनाई गई यादों के अनुसार, इस बात की पुष्टि हुई है कि पुतलियों का साइज हमें सपनों के बारे में बताता है।

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ये हैं कुछ फैक्ट्स

1. आंखों की पुतली का साइज- सिकुड़ी हुई पुतलियों का मतलब यह होता है कि हम नई यादों को इकट्ठा कर रहे हैं। वहीं, फैली हुई पुतलियों के बारे में बताया गया है कि सोता हुआ इंसान किसी पुरानी याद के बारे में नींद में सोच रहा है।

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2. नई और पुरानी यादों का समीकरण- रिसर्च के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद में नई और पुरानी यादों का आदान-प्रदान चलता रहता है। इस रिसर्च की मानें, तो बायोलॉजिकल और आर्टिफिशियल न्यूरो वर्क की समस्याओं का समाधान हो सकता है।

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3. मस्तिष्क की इंटर्नल ग्रोथ- रिसर्च में यह भी पाया गया है कि नींद के दौरान हमारा मस्तिष्क अलग-अलग अवस्थाओं में होता है, जिसके चलते दिमाग के अंदर यादों का टकराव हो सकता है। इस टकराव से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। पुतलियों का साइज इस समस्या से भी बचाने में हमारी सहायता करता है। साथ ही हमारी मेमोरी को भी मजबूत करता है।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
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