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खामोशी से शरीर में पनपते हैं ये खतरनाक कैंसर, लक्षण दिखते हैं तब तक हो जाती है देर

Silent Killer Diseases: शरीर में आने वाले छोटे-छोटे लक्षणों के देखकर या महसूस करके ही हम ये पता लगता पाते हैं कि हमारे शरीर में कोई समस्या हो रही है या नहीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ कैंसर के प्रकार ऐसे भी होते हैं, जिनके लक्षण जबतक लोगों को मालूम चलते हैं, तबतक बहुत देर हो चुकी होती है. आइए जानते हैं.

Author Written By: Azhar Naim Updated: Jan 25, 2026 08:08
Silent Cancer Symptoms
कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?

अक्सर हम यह मान लेते हैं कि कोई गंभीर बीमारी होगी तो शरीर पहले ही तेज दर्द या साफ लक्षणों के जरिए हमें चेतावनी दे देगा. लेकिन कैंसर (Cancer) के कुछ प्रकार इस सोच को पूरी तरह गलत साबित करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैंसर सालों तक शरीर के अंदर बिना किसी तरह के लक्षण दिए बढ़ते रहते हैं. न तेज दर्द, न अचानक तबीयत बिगड़ना और न ही ऐसा कोई संकेत, जिससे इंसान समय रहते डॉक्टर तक पहुंचे. यही वजह है कि जब इनके लक्षण साफ तौर पर नजर आते हैं, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. कैंसर की असली खतरनाक बात उसकी रफ्तार नहीं, बल्कि उसकी खामोशी होती है, जो मरीज को यह अहसास कराती है कि वह एकदम फिट है.

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महिलाओं के लिए साइलेंट किलर बना रहा ये कैंसर

डिम्बग्रंथि का कैंसर (Ovarian Cancer) महिलाओं में सबसे ज्यादा नजरअंदाज किए जाने वाले कैंसरों में से एक है. इसके शुरुआती लक्षण बेहद मामूली होते हैं, जैसे पेट का थोड़ा फूलना, जल्दी पेट भर जाना, गैस जैसी परेशानी या नीचे पेट में हल्की बेचैनी है. ज्यादातर महिलाएं इन्हें सामान्य पाचन समस्या या पीरियड्स से जुड़ी दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. यही लापरवाही आगे जाकर बहुत खतरनाक साबित होती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, आंकड़ों के अनुसार, ओवरी कैंसर के लगभग दो-तिहाई मामले तब सामने आते हैं जब यह बीमारी तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंच चुकी होती है और पेट के दूसरे हिस्सों में फैल जाती है.

पैंक्रियाज का कैंसर

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पैंक्रियाज यानी अग्न्याशय (Pancreatic Cancer) का कैंसर दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसरों में गिना जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह शुरू में लगभग कोई लक्षण नहीं देता. इसके लक्षणों में न दर्द, न पीलिया और न ही कोई बड़ी पाचन समस्या होती है. लेकिन देखा गया है कि, ज्यादातर मामलों में मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचता है जब तेज पेट दर्द, अचानक वजन कम होना या पीलिया दिखाई देता है. हालांकि, तब तक सर्जरी का विकल्प भी सीमित हो जाता है. यही कारण है कि पैंक्रियाज कैंसर के बहुत कम मरीज पूरी तरह ठीक हो पाते हैं और इसे सबसे घातक साइलेंट कैंसर भी माना जाता है.

फेफड़ों का कैंसर

फेफड़ों का कैंसर (Lungs Cancer) एक ऐसा कैंसर है, जिसके कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. इसके शुरुआती संकेत अक्सर हल्के होते हैं. लंबे समय तक रहने वाली हल्की खांसी, थोड़ा-सा सांस फूलना या लगातार थकान को लोग सामान्य समझ लेते हैं, खासकर धूम्रपान करने वाले. इसका नतीजा यह होता है कि करीब 70 प्रतिशत मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब कैंसर तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंच चुका होता है. अगर समय रहते जांच हो जाए, तो जान बचाई जा सकती है.

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First published on: Jan 25, 2026 08:02 AM

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