Diabetes Prevention Tips From AI: डायबिटीज एक वैश्विक रूप से फैली हुई बीमारी है, जो लाइफस्टाइल डिसऑर्डर भी मानी जाती है। इस बीमारी से दुनियाभर में कई लोग पीड़ित है लेकिन भारत को डायबिटिक कैपिटल का नाम दिया गया है। दरअसल, विश्व में भारत दूसरे नंबर पर बना हुआ वह देश है, जहां मधुमेह के कई रोगी मौजूद हैं। 2023 की ICMR INDIAB की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में डायबिटीज के कुल मामले 11.4% हैं वहीं, प्री-डायबिटीज के 15.3% हैं। इसलिए, देश के लिए इस बीमारी से निपटना बेहद जरूरी हो गया है। एक नई रिसर्च में पाया गया है कि डायबिटीज के लिए AI तकनीक एक नया और मददगार विकल्प हो सकता है, मगर कैसे? जानिए रिपोर्ट में।
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नई स्टडी में क्या पाया गया?
नई स्टडी के अनुसार, AI को डायबिटीज के प्रबंधन में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए विकल्प बताया गया है। इसमें AI द्वारा हेल्थ डाटा का विश्लेषण किया जाता है, जिसमें खानपान, शारीरिक गतिविधि, और ब्लड शुगर को ट्रैक किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरक्की को देखते हुए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राउरकेला में इस पर एक नया अध्ययन किया गया है जिसमें करंट ब्लड शुगर लेवल का सटीक परिणाम और आगे कितना ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, इसकी भी पुष्टि की गई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
रिसर्च करने वाली टीम के असिस्टेंट प्रोफेसर मिर्जा खालिद बेग कहते हैं कि AI टेक्निक को बाकी पुरानी तकनीकों के मुकाबले ज्यादा सही रिजल्ट देने में सक्षम माना गया है। यह तकनीक हेल्थ इंडस्ट्री के लिए काफी मददगार भी साबित हो सकती है। साथ ही डायबिटीज चेक करने का यह नया तरीका लोगों की जेब पर भी ज्यादा बोझ नहीं डालेगा। उन्होंने बताया है कि टेस्टिंग के लिए हमने पहले से कुछ ब्लड सैंपल्स स्टोर किए थे, उनकी जांच में सही रिजल्ट के बाद एक और टेस्टिंग की, जिसमें लोगों से ताजा ब्लड सैंपल लेकर टेस्टिंग की गई।
कैसे मिलेगा फायदा?
- AI से शुगर लेवल की जांच करना बजट फ्रेंडली है।
- जांच के रिजल्ट के मुताबिक आप अपनी डाइट में बदलाव कर सकते हैं।
- इस न्यू टेक्नोलॉजी से टाइम की भी बचत होगी।
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