छोटी-छोटी आदतें बन सकती हैं बवासीर की वजह, डॉक्टर ने कहा Piles से बचना है तो रोजाना करें ये 5 काम

Piles Causes: रोजमर्रा की गलतियां बवासीर होने की वजह बन सकती हैं. ऐसे में डॉक्टर से जानिए किन बातों को ध्यान में रखकर बवासीर से बचा जा सकता है. इन 5 आदतों को अपना लेंगें तो बवासीर से बच सकेंगे आप.

Bawasir Ka Ilaj

बवासीर होने का मुख्य कारण क्या है?

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Bawasir Ka ilaj: मलत्याग करते समय खून आना या मलद्वार पर नसों का फूलना और दर्द करना बवासीर कहलाता है. बवासीर (Piles) होने पर व्यक्ति को मलत्याग करने में दिक्कत होने लगती है और असहनीय दर्द होता है. ऐसे में बवासीर का समय रहते पता लगाना और इलाज करना जरूरी होता है. बवासीर होने के कारण की बात करें तो रोजमर्रा की कुछ आदतें बवासीर की वजह बन सकती हैं, जैसे पानी कम पीना, फाइबर से भरपूर फूड्स ना खाना, लंबे समय तक बैठे रहना या टॉयलेट पर फोन लेकर मलत्याग करना आदि. ऐसे में जनरल एंड लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. पुनीत अग्रवाल बता रहे हैं किस तरह बवासीर से बचा जा सकता है. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके यह जानकारी दी है.

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बवासीर से बचने के लिए क्या करें

डॉक्टर ने बताया कि ये 5 काम करने पर आप बवासीर से बचे रहेंगे –

हाइड्रेशन और फाइबर

बवासीर से बचने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है. इससे मल पतला होता है. इसके साथ ही, फाइबर से भरपूर चीजें खाएं. दाल, सब्जियां, सलाद और फल को डेली डाइट का हिस्सा बनाएं. इससे स्टूल सॉफ्ट रहता है.

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देर तक ना बैठें

लंबे समय तक बैठे रहने पर रेक्टल एरिया पर दबाव बढ़ता है. इसीलिए हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक लें और थोड़ी देर टहलें.

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मलत्याग करते हुए करें पटरे का इस्तेमाल

अगर आप इंग्लिश टॉयलेट इस्तेमाल करते हैं तो मलत्याग करते हुए पैरों के नीचे ऊंचे पटरे या फुटस्टूल को रखें. इससे आप नेचुरल स्क्वैट पॉजीशन में बैठ सकेंगे. इससे बाउल मूवमेंट्स बेहतर होती हैं.

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मल को रोकने की कोशिश ना करें

बहुत से लोग यह गलती कर देते हैं. खासकर अगर वे ऑफिस में हैं तो अपने बाउल मूवमेंट्स को रोकने लगते हैं. ऐसा ना करें. इससे रेक्टल वीन्स यानी रेक्टम के पास की नसों पर दवाब पड़ता है. यह बवासीर होने का एक बड़ा लक्षण (Piles Symptoms) होता है.

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इस तरह करें दिन की शुरुआत

सुबह उठते ही हल्का गर्म पानी पीकर अपने दिन की शुरुआत करें. इसके बाद फाइबर से भरपूर नाश्ता करें.

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डॉक्टर का कहना है कि ये छोटी-छोटी आदतें बवासीर के खतरे को कम करती हैं और आपको बवासीर से बचा सकती हैं.

डॉक्टर से कब करना चाहिए संपर्क

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अगर आपको मलत्याग करते हुए जोर लगाना पड़ रहा है, खून आने लगता है, दर्द होता है, सूजन हो गई है या मलद्वार के पास दाने या त्वचा की गांठें बनती महसूस हो रही हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें. इसके अलावा, मलद्वार पर खुजली होना या असहजता होने पर भी डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.

बवासीर का इलाज

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डॉक्टर बताते हैं कि बवासीर अगर शुरुआती स्टेज में ही पता लगा लिया जाए तो लाइफस्टाइल में बदलाव और खानपान को बेहतर करके बवासीर से बचा जा सकता है. अगर बवासीर बहुत ज्यादा बढ़ गया है या एडवांस हो गया है तो सर्जरी या लेजर ट्रीटमेंट से इलाज किया जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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