दिल्ली-एनसीआर में अचानक ही बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दरअसल, यह वायरल फीवर है, जो बाकी वायरल बुखार से काफी अलग है। कोरोना के बाद से आए दिन लोगों के बीच नए वायरस और नए बुखार के फैलने की चर्चाएं होती रहती हैं। इस वायरल फीवर के लक्षण थोड़े अलग होते हैं और इसका इलाज कभी भी खुद से नहीं करना चाहिए। इस बुखार के लक्षणों में खांसी, सर्दी, सिरदर्द और बदनदर्द शामिल होते हैं। यह वायरल बुखार का एक नया रूप है, जिसे ठीक होने में भी समय लगता है। आम वायरल फीवर 4 से 5 दिनों के अंदर रिकवर हो जाता है लेकिन इस बुखार को सही होने में 14 से 15 दिन लग जाते हैं और कई बार पूरी तरह ठीक होने के लिए आपको 20 दिनों का समय लग सकता है।
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कैसे होते हैं लक्षण?
इस बुखार के लक्षणों के बारे में बताएं तो यह नॉर्मल वायरल फीवर से गंभीर हो सकते हैं। हालांकि, संकेत मेल खा सकते हैं जैसे कि कंपकपी, सर्दी लगना, जुकाम होना, जोड़ों में दर्द होना, उल्टी-दस्त लगना और खांसी होना। इसमें मरीज को बुखार 104 डिग्री से 105 डिग्री फारेनहाइट तक हो सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
कोई भी वायरल फीवर हो, उसका फैलने की समस्या आम है। इसलिए, हमें कोशिश करनी चाहिए कि जुकाम-खांसी की समस्या होते ही हम खुद को दूसरों से अलग करें। कोरोना वायरस के समय पालन किए जाने वाले नियमों को अपनाएं। मास्क पहनें। हाथों को साबुन और सेनीटाइजर की मदद से साफ करें। फ्रिज का पानी पीने से बचें। अगर किसी को खांसी या जुकाम है, तो उनसे दूर रहें। भीड़ में जाने से बचें। AC की हवा में कम सोएं। ताजे और मौसमी फल-सब्जियों का सेवन करें। घर का हल्का भोजन खाएं। पर्याप्त पानी पिएं और दूषित इलाकों से भी दूरी बनाएं।
इलाज क्या है?
लोकल डॉक्टर्स की मानें तो वायरल बुखार में हमें कभी भी खुद से कोई इलाज नहीं करना चाहिए। खुद से दवा खरीदकर ओवर द काउंटर मेडिसिन्स खाने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बुखार के लिए तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं और सही उपचार लें। कई बार ये बुखार सही तरीके से ट्रीट न करने पर दोबारा हो सकता है।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।