WhatsApp के नए Username Feature को लेकर केंद्र सरकार और Meta के बीच बातचीत तेज हो गई है. सरकार ने इस फीचर से ऑनलाइन ठगी, फिशिंग और फर्जी पहचान के मामलों के बढ़ने की आशंका जताते हुए Meta को नोटिस भेजा था. अब Meta ने इस नोटिस का जवाब सरकार को सौंप दिया है. फिलहाल सरकार इस जवाब की जांच कर रही है और जब तक चर्चा पूरी नहीं होती, तब तक भारत में यह फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा.
Meta ने सरकार को सौंपा जवाब
सूत्रों के मुताबिक, Meta ने गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को WhatsApp के Username Feature पर अपना जवाब भेज दिया है. अब मंत्रालय इस जवाब की विस्तार से जांच करेगा. फिलहाल Meta की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
सरकार ने क्यों भेजा था नोटिस?
पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने WhatsApp को नोटिस जारी कर पूछा था कि उसका नया Username Feature ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों और फर्जी पहचान (Impersonation) के मामलों को कैसे रोकेगा. सरकार ने यह भी कहा था कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती और सरकार संतुष्ट नहीं होती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाए.
क्या है WhatsApp का Username Feature?
WhatsApp का नया Username Feature यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर बताए किए दूसरे लोगों से बातचीत करने की सुविधा देगा. यानी लोग अपने फोन नंबर की जगह यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे. हालांकि, WhatsApp ने साफ किया है कि अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा.
नोटिस मिलने के बाद WhatsApp ने सरकार से जवाब देने के लिए कुछ समय मांगा था. कंपनी ने यह भरोसा भी दिया था कि भारत में यह फीचर तब तक शुरू नहीं किया जाएगा, जब तक सरकार के साथ बातचीत पूरी नहीं हो जाती.
IT सचिव ने क्या कहा?
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को CII GCC बिजनेस समिट के दौरान IT सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार तक मिलने की उम्मीद थी, जो अब मिल चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि Telegram और Signal को भेजे गए नोटिस पर अभी उनके जवाब नहीं आए हैं, क्योंकि उन्हें जवाब देने के लिए थोड़ा और समय दिया गया है. सरकार इन सभी जवाबों की समीक्षा करेगी.
सरकार ने नोटिस में Meta से पूछा था कि अगर यह फीचर साइबर अपराध बढ़ाने का कारण बनता है तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए. साथ ही Meta को याद दिलाया गया कि WhatsApp एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है, इसलिए उसे IT कानून के तहत तय सभी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा.
WhatsApp ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
WhatsApp का कहना है कि यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसे इस साल धीरे धीरे शुरू किया जाएगा. कंपनी के अनुसार, बड़े नेताओं, सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके.
ये भी पढ़ें- Google पर सबसे पहले क्या किया गया था Search? जवाब जानकर शायद आप भी रह जाएंगे हैरान
WhatsApp के नए Username Feature को लेकर केंद्र सरकार और Meta के बीच बातचीत तेज हो गई है. सरकार ने इस फीचर से ऑनलाइन ठगी, फिशिंग और फर्जी पहचान के मामलों के बढ़ने की आशंका जताते हुए Meta को नोटिस भेजा था. अब Meta ने इस नोटिस का जवाब सरकार को सौंप दिया है. फिलहाल सरकार इस जवाब की जांच कर रही है और जब तक चर्चा पूरी नहीं होती, तब तक भारत में यह फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा.
Meta ने सरकार को सौंपा जवाब
सूत्रों के मुताबिक, Meta ने गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को WhatsApp के Username Feature पर अपना जवाब भेज दिया है. अब मंत्रालय इस जवाब की विस्तार से जांच करेगा. फिलहाल Meta की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
सरकार ने क्यों भेजा था नोटिस?
पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने WhatsApp को नोटिस जारी कर पूछा था कि उसका नया Username Feature ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों और फर्जी पहचान (Impersonation) के मामलों को कैसे रोकेगा. सरकार ने यह भी कहा था कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती और सरकार संतुष्ट नहीं होती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाए.
क्या है WhatsApp का Username Feature?
WhatsApp का नया Username Feature यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर बताए किए दूसरे लोगों से बातचीत करने की सुविधा देगा. यानी लोग अपने फोन नंबर की जगह यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे. हालांकि, WhatsApp ने साफ किया है कि अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा.
नोटिस मिलने के बाद WhatsApp ने सरकार से जवाब देने के लिए कुछ समय मांगा था. कंपनी ने यह भरोसा भी दिया था कि भारत में यह फीचर तब तक शुरू नहीं किया जाएगा, जब तक सरकार के साथ बातचीत पूरी नहीं हो जाती.
IT सचिव ने क्या कहा?
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को CII GCC बिजनेस समिट के दौरान IT सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि WhatsApp का जवाब गुरुवार तक मिलने की उम्मीद थी, जो अब मिल चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि Telegram और Signal को भेजे गए नोटिस पर अभी उनके जवाब नहीं आए हैं, क्योंकि उन्हें जवाब देने के लिए थोड़ा और समय दिया गया है. सरकार इन सभी जवाबों की समीक्षा करेगी.
सरकार ने नोटिस में Meta से पूछा था कि अगर यह फीचर साइबर अपराध बढ़ाने का कारण बनता है तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए. साथ ही Meta को याद दिलाया गया कि WhatsApp एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है, इसलिए उसे IT कानून के तहत तय सभी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा.
WhatsApp ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
WhatsApp का कहना है कि यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसे इस साल धीरे धीरे शुरू किया जाएगा. कंपनी के अनुसार, बड़े नेताओं, सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके.
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