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नया TV खरीदा है तो दीवार पर लगाएं या स्टैंड पर रखें? एक गलती पड़ सकती है भारी, जानें सही ऑप्शन

नया TV खरीद लिया है तो अब इसे दीवार पर लगाएं या स्टैंड पर रखें? दोनों सेटअप के अपने फायदे और नुकसान हैं. खासकर गेमिंग कंसोल, साउंडबार और कई गैजेट इस्तेमाल करने वालों के लिए सही विकल्प चुनना जरूरी है.

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नया टीवी खरीदने के बाद उसे कहां रखना है यह सवाल कम जरूरी नहीं है जो हस किसी के मन में होता है. टीवी को दीवार पर लगाने से कमरा साफ और प्रीमियम दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर आपके साथ कई गैजेट जुड़े हैं तो बाद में परेशानी भई हो सकती है. वहीं स्टैंड पर रखा टीवी आसानी से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है और इसके पोर्ट तक पहुंचना भी आसान रहता है. ऐसे में टीवी को वॉल माउंट कराना सही है या स्टैंड पर रखना, इसका फैसला करने से पहले दोनों के फायदे और कमियां समझ लेना जरूरी है.

वॉल माउंट से मिलता है क्लीन लुक

दीवार पर लगा टीवी कमरे में कम जगह घेरता है और पूरा सेटअप ज्यादा व्यवस्थित नजर आता है. टीवी के नीचे केबल और दूसरे डिवाइस छिपा दिए जाएं तो लुक और भी साफ दिखाई देता है. हालांकि, टीवी के पीछे मौजूद HDMI, USB और दूसरे पोर्ट तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है.

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केबल बदलने में आ सकती है परेशानी

अगर बाद में नया गेमिंग कंसोल खरीदते हैं या HDMI केबल बदलनी पड़ती है, तो दीवार से चिपके टीवी के पीछे पहुंचना आसान नहीं होता. केबल छिपाने के लिए दीवार में ट्रंकिंग या दूसरे केबल मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत भी पड़ सकती है.

टीवी की जगह बदलना मुश्किल

वॉल माउंट का एक नुकसान यह भी है कि टीवी की जगह काफी हद तक तय हो जाती है. अगर कुछ समय बाद फर्नीचर की जगह बदलते हैं तो टीवी दूसरी दीवार पर लगाने के लिए दोबारा ड्रिलिंग करनी पड़ सकती है. पुरानी जगह के छेद भी कमरे की फिनिशिंग खराब कर सकते हैं.

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ऊंचाई और एंगल का रखें ध्यान

टीवी बहुत ऊपर लगा हो या बैठने की जगह के हिसाब से एंगल सही न हो तो लंबे समय तक देखने में असुविधा हो सकती है. फिक्स्ड माउंट की जगह मूवेबल या एडजस्टेबल माउंट इस परेशानी को कम कर सकते हैं, लेकिन इनकी कीमत और इंस्टॉलेशन का खर्च ज्यादा हो सकता है.

स्टैंड पर रखने का फायदा

टेबलटॉप स्टैंड उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो समय-समय पर टीवी की जगह बदलते हैं. इसे दूसरी जगह ले जाना और पीछे के पोर्ट तक पहुंचना आसान रहता है. कुछ स्टैंड में केबल मैनेजमेंट और ऊंचाई बदलने की सुविधा भी मिलती है. इसे फ्लोर स्टैंड पर भी रखा जा सकता है. कुछ फ्लोर स्टैंड में टीवी को घुमाने की सुविधा मिलती है. वहीं व्हील वाले स्टैंड को जरूरत के हिसाब से एक कमरे या हिस्से से दूसरे स्थान पर ले जाना भी आसान होता है.

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गेमिंग और गैजेट वालों के लिए स्टैंड

अगर टीवी के साथ गेमिंग कंसोल, साउंडबार, सेट टॉप बॉक्स या स्ट्रीमिंग डिवाइस जुड़े रहते हैं तो स्टैंड वाला सेटअप ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है. इसमें केबल बदलना और नए डिवाइस जोड़ना आसान रहता है.

फैसला करते समय ये बातें देखें

अगर प्राथमिकता साफ-सुथरा लुक और एक तय जगह पर टीवी रखना है तो सही ऊंचाई वाले वॉल माउंट पर विचार किया जा सकता है. वहीं बार-बार सेटअप बदलते हैं, ज्यादा गैजेट इस्तेमाल करते हैं या पोर्ट तक आसान पहुंच चाहते हैं तो स्टैंड ज्यादा व्यावहारिक रहेगा. कमरे का आकार, बैठने की दूरी और टीवी देखने की ऊंचाई भी फैसला लेते समय जरूर ध्यान में रखें.

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First published on: Sep 19, 2026 08:37 AM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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