---विज्ञापन---

गैजेट्स

क्या AI की वजह से 2030 तक आधी नौकरियां खत्म हो जाएंगी? Google के CEO ने दिया बड़ा बयान

AI को लेकर हर कोई हैरान और परेशान है क्या यह हमारी मदद करेगा या हमारी नौकरियां छीन लेगा? ऐसे समय में गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा है कि AI से डरने की जरूरत नहीं, यह इंसानों को ज्यादा स्मार्ट बनाएगा।

आजकल हर जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की चर्चा हो रही है। कई लोग इसे भविष्य की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी मानते हैं, तो कुछ इसे नौकरी के लिए खतरा भी बता रहे हैं। ऐसे समय में गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने एक अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि AI हमारी नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि यह इंसानों को ज्यादा स्मार्ट और तेज बनाएगा। AI की मदद से हम बोरिंग और दोहराए जाने वाले काम जल्दी खत्म कर पाएंगे और ज्यादा जरूरी कामों पर ध्यान दे सकेंगे।

AI से नौकरियों पर खतरा नहीं, काम करने का तरीका बदलेगा

गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चल रही चिंताओं पर कहा है कि AI लोगों की नौकरियां नहीं छीनने वाला है। बल्कि यह लोगों की मदद करेगा और उन्हें ज्यादा प्रोडक्टिव बनाकर दिखाएगा। सुंदर पिचाई ने बताया कि AI की मदद से इंजीनियर जैसे लोग वही पुराने और बार-बार दोहराए जाने वाले काम जल्दी कर सकेंगे। इससे उन्हें ज्यादा जरूरी और नए कामों पर ध्यान देने का समय मिलेगा। उन्होंने यह बातें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में हुई एक बड़ी टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस में कही। इस समय दुनिया में AI के पॉजिटिव और नेगेटिव असर को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। AI पर लोगों की चिंता तब और बढ़ी जब एक दूसरी AI कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डेरियो अमोडेई ने हाल ही में कहा कि 2030 तक AI की वजह से लगभग 50% शुरुआती स्तर की नौकरियां खत्म हो सकती हैं। लेकिन सुंदर पिचाई का कहना है कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और बेहतर बनाएगा।

---विज्ञापन---

AI से कंपनी में कर्मचारियों की संख्या घटेगी नहीं

सुंदर पिचाई ने डेरियो अमोडेई की बात का सम्मान करते हुए कहा कि ‘ऐसी चिंताओं को सामने लाना और उनके बारे में बात करना जरूरी है’ लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘पिछले 20 सालों से ऐसी बातें कही जा रही हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी और मशीनों का असर वैसा नहीं हुआ जैसा लोगों ने सोचा था’ जब सुंदर पिचाई से पूछा गया कि क्या AI आने से गूगल के 1.8 लाख कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मुझे लगता है कि हमारी इंजीनियरिंग टीम अगले साल और बड़ी होगी, क्योंकि AI से हमारा काम आसान होता है और हम ज्यादा कर सकते हैं’

---विज्ञापन---

गूगल में पहले से AI का इस्तेमाल बढ़ा

सुंदर पिचाई पहले भी कह चुके हैं कि अब गूगल का लगभग 30% कोड AI की मदद से लिखा जा रहा है। इसके बावजूद वे AI को एक ‘मदद करने वाली पावर’ मानते हैं। उनका मानना है कि AI से नई टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स जल्दी बनेंगे और इससे नई नौकरियां भी पैदा होंगी। साल 2025 में अब तक गूगल ने अपनी क्लाउड टीम से करीब 100 लोगों को हटाया है। यह संख्या पिछले सालों के मुकाबले काफी कम है। साल 2023 में गूगल ने 12,000 लोगों को और 2024 में 1,000 लोगों को निकाला था।

---विज्ञापन---

AGI पर उम्मीद जताई, यूट्यूब और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भरोसा

AI के भविष्य और उसकी सीमाओं पर बात करते हुए सुंदर पिचाई ने कहा कि हम ऐसी AI की तरफ बढ़ रहे हैं जो इंसानों की तरह सोच सके, जिसे ‘Artificial General Intelligence (AGI)’ कहा जाता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अभी कोई ठीक से नहीं कह सकता कि हम इस रास्ते पर पूरी तरह आगे बढ़ चुके हैं या नहीं। पिचाई ने बताया कि टेक्नोलॉजी के विकास में कई बार रुकावटें आती हैं और प्रोग्रेस धीमी हो जाती है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में AI बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। सुंदर पिचाई गूगल की आने वाली दूसरी टेक्नोलॉजी को लेकर भी काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कंपनी की बिना ड्राइवर वाली कार सेवा Waymo, क्वांटम कंप्यूटिंग पर चल रहे प्रोजेक्ट्स और भारत जैसे देशों में यूट्यूब की जबरदस्त लोकप्रियता का भी जिक्र किया।

First published on: Jun 06, 2025 11:30 AM

End of Article

About the Author

News24 हिंदी

आगरा के युवा पत्रकार आशुतोष ओझा अक्टूबर 2023 से न्यूज24 डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। ऑटो, टेक, ज्योतिष, शिक्षा और खेल जैसे विषयों पर लेखन में विशेष रुचि है। इससे पहले इंडिया टुडे ग्रुप में इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है। सीखने-समझने का यह क्रम जारी है।

Read More

Ashutosh Ojha

आगरा के युवा पत्रकार आशुतोष ओझा अक्टूबर 2023 से न्यूज24 डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। ऑटो, टेक, ज्योतिष, शिक्षा और खेल जैसे विषयों पर लेखन में विशेष रुचि है। इससे पहले इंडिया टुडे ग्रुप में इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है। सीखने-समझने का यह क्रम जारी है।

Read More
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola