अब आपकी AI चैट से तय होंगी Facebook और Instagram पर Ads, तो क्या नहीं रहेगी प्राइवेसी? 

Meta नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू कर रहा है. अब आपकी AI चैट का डेटा Facebook और Instagram पर टारगेटेड ऐड्स दिखाने में इस्तेमाल होगा. ऐसे में एक बड़ा सवाल सामने आता है कि क्या इससे यूजर की प्राइवेसी खत्म हो जाएगी?

मार्क जुकरबर्ग का नया प्लान.

मार्क जुकरबर्ग का नया प्लान. (Photo-Unsplash)

विज्ञापन

New Meta Policy: टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI ने हमारी जिंदगी में कई बदलाव किए हैं. लोग अब हर दिन AI चैटबॉट्स और टूल्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसी के साथ सबसे बड़ी चिंता प्राइवेसी को लेकर है. अब इसी चिंता को और बढ़ाने वाली एक नई खबर सामने आई है. Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने एक ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिससे आपके सोशल मीडिया एक्सपीरियंस पर सीधा असर पड़ेगा. अब Facebook और Instagram पर दिखने वाले विज्ञापन इस बात पर आधारित होंगे कि आपने AI से क्या बातें की हैं. यानी आपकी चैट्स ही आपके लिए टारगेटेड ऐड्स तैयार करने में इस्तेमाल होंगी.

AI चैट से इकट्ठा होगा डेटा

Meta ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अपने AI प्रोडक्ट्स से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल Facebook और Instagram पर पर्सनलाइज्ड ऐड्स दिखाने के लिए करेगा. अगर आपने AI से किसी प्रोडक्ट या टॉपिक पर चर्चा की है, तो उससे जुड़े विज्ञापन आपके सामने आने लगेंगे.

विज्ञापन

कब से लागू होंगे ये बदलाव?

टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta की यह नई पॉलिसी 16 दिसंबर से लागू हो जाएगी. कंपनी जल्द ही इस बारे में सभी यूजर्स को जानकारी देगी. शुरुआत में यह अपडेट दुनियाभर में रोलआउट होगा, लेकिन यूके, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया में इसे फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा. वहां के स्थानीय नियमों की जांच पूरी होने के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा.

EU ने जताई प्राइवेसी पर चिंता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूरोपीय संघ (EU) पहले ही Meta के AI प्रोडक्ट्स को लेकर प्राइवेसी पर चिंता जता चुका है. यही वजह है कि वहां इसे लागू करने से पहले रेग्युलेटरी अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है.

विज्ञापन

क्यों है यह बड़ा मुद्दा

सोशल मीडिया कंपनियों पर पहले भी डेटा ट्रैकिंग और प्राइवेसी उल्लंघन को लेकर सवाल उठते रहे हैं. अब AI चैट से डेटा इकट्ठा करने का यह तरीका लोगों की निजी जानकारी को और ज्यादा असुरक्षित बना सकता है.

क्या करना होगा यूजर्स को?

यूजर्स को अब यह ध्यान रखना होगा कि वे AI से बातचीत करते समय क्या शेयर कर रहे हैं. क्योंकि वही जानकारी आगे चलकर उनके लिए विज्ञापन तय करने का आधार बनेगी. यानी अब AI चैट्स पर भी पहले से ज्यादा सावधानी बरतना जरूरी है.

विज्ञापन

Meta का यह कदम विज्ञापन जगत के लिए बड़ा बदलाव है, लेकिन आम यूजर्स के लिए यह ऑनलाइन प्राइवेसी का नया खतरा भी साबित हो सकता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ