गर्मी का सीजन शुरू हो गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए घर और ऑफिस में कूलर और एसी को लगवाना अनिवार्य हो जाता है लेकिन दोनों में क्या? अक्सर लोग दो खेमों में बंटे होते हैं। एक खेमा एसी और दूसरा खेमा कूलर के पक्ष में है। लेकिन हकीकत में क्या सही है। आइए इसके में विस्तार से समझते हैं।
AC और कूलर में क्या बेहतर है, यह निर्भर करता है मौसम, बजट और बिजली बिल पर। अप्रैल-मई में कूलर चल जाएगा क्योंकि गर्मी सूखी है। पर जून में मानसून आते ही नमी 80% हो जाती है – तब कूलर बेकार, AC ही चलेगा। प्रो टिप की बात करें तो इन्वर्टर AC लो। 5-स्टार 1.5 टन AC का बिल कूलर से सिर्फ 3-4 गुना आता है, 10 गुना नहीं। आइए और तथ्यों के माध्यम से दोनों में बेहतर अंतर करते हैं।
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ठंडक में कौन बेहतर?
AC- 16°C तक ठंडा कर देता है। बाहर 50°C हो या 70% नमी, रूम चिल्ड रहेगा
कूलर- 5-8°C ही कम करता है। सूखी गर्मी में बढ़िया, पर नमी बढ़ते ही बेकार
सार- AC नमी वाली जगह जैसे नोएडा, मुंबई में कूलर सिर्फ पंखे जैसा लगता है।
बिजली बिल का हिसाब
AC 1.5 टन- 8 घंटे रोज = 240-300 यूनिट/महीना = ₹1800-2500 बिल
कूलर- 8 घंटे रोज = 30-40 यूनिट/महीना = ₹200-300 बिल
सार- कूलर AC से 8-10 गुना सस्ता
कीमत और मेंटेनेंस
AC- ₹30,000-60,000 + इंस्टॉलेशन ₹1500 + सालाना सर्विस ₹2000
कूलर- ₹4,000-15,000 + पानी भर दो, चल गया। मेंटेनेंस ₹500 साल
सार- 5 साल में AC का खर्च 1 लाख पार, कूलर 20 हजार में निपट जाए
सेहत और हवा
AC- बंद कमरे में चलता है, हवा ड्राई करता है। स्किन/गला सूख सकता है
कूलर- ताजी हवा खींचता है, नमी बढ़ाता है। पर खिड़की खुली रखनी पड़ती है = धूल-मच्छर
सार- ड्राई एरिया में कूलर अच्छा, नमी में AC
तो लें कौन?
कूलर-
राजस्थान, दिल्ली-NCR, MP जैसी सूखी गर्मी होती है। इसके लिए बजट ₹15,000 से कम हो तो काम हो जाता है। बिजली बिल की टेंशन है या रूम में खिड़की/वेंटिलेशन है तो कूलर ही लगवाना चाहिए।
AC–
अगर नोएडा, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसी नमी है, तापमान 40°C+ में भी 25°C चाहिए तो एसी बेस्ट है। अगर आपको धूल/एलर्जी की प्रॉब्लम है और बजट ₹35,000+ है तो एसी ही लगवाना चाहिए।
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