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कौन हैं हूती विद्रोही… सऊदी अरब पर क्यों बरसा रहे मिसाइलें? कैसे हुई दोनों में दुश्मनी

हूती विद्रोही गुट को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, जिसका मतलब होता है अल्लाह के समर्थक. हूती विद्रोहियों का यमन के ज्यादात्तर हिस्सों पर कब्जा है. इनमें यमन की राजधानी सना और सऊदी अरब से नजदीकी पश्चिमी और उत्तरी इलाके भी शामिल हैं.

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ईरान के समर्थन से ये गुट सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के खिलाफ कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहा है. (Image - AI)

दक्षिण लाल सागर में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार अपना कंट्रोल बढ़ाते जा रहे हैं. उन्होंने इस इलाके के कई अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया है. इस वजह से हूती ग्रुप की दक्षिण लाल सागर वाले प्रमुख समुद्री रूट पर पकड़ मजबूत हो गई है. हूतियों ने ‘ग्रेटर हनीश’ और ‘लेसर हनीश’ नाम के द्वीपों पर कब्जा किया है. ये विद्रोही बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

इन द्वीपों पर कब्जा होने से हूतियों के लिए लाल सागर के रास्ते जाने वाले सऊदी अरब के कच्चे तेल पर निशाना आसान हो गया. होर्मुज स्ट्रेट में ईरान जहाजों को निशाना बना रहा है. ऐसे में वैकल्पिक तौर पर सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते कच्चा तेल भेजना शुरू किया था. लेकिन अब हूती विद्रोही सऊदी अरब के ऑयल इंफ्रा और लाल सागर में उसके जहाजों को निशाना बना रहा है. इसके वजह से ग्लोबल ऑयल सप्लाई और तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है.

यह भी पढ़ें : हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर भीषण हमला, मिसाइल-ड्रोन अटैक से थर्राए 3 शहर, इमरजेंसी का हुआ ऐलान

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कौन हैं हूती विद्रोही?

हूती विद्रोही गुट को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, जिसका मतलब होता है अल्लाह के समर्थक. हूती विद्रोहियों का यमन के ज्यादात्तर हिस्सों पर कब्जा है. इनमें यमन की राजधानी सना और सऊदी अरब से नजदीकी पश्चिमी और उत्तरी इलाके भी शामिल हैं. इस गुट की स्थापना 1990 दशक में हुई थी. यह बड़ा नाम बनकर उभरा साल 2014 में, जब इस गुट ने यमन की सरकार के खिलाफ बगावत करके उसे गिरा दिया. इसके साथ ही यमन में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई. सऊदी अरब के नेतृत्व हवाई हमले किए गए थे. इस फैसले को अमेरिका का भी समर्थन मिला हुआ था. इन हमलों में करीब 9 हजारों आम नागरिकों की मौत हुई थी.

गृह युद्ध से यमन का ऐसा हाल है कि वहां की करीब आधी से ज्यादा जनसंख्या को मानवीय मदद की जरूरत है.

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यह भी पढ़ें : हमले की जद में फिर आए सऊदी-यूक्रेन, हूती और रूस ने किया मिसाइल अटैक

निशाने पर सऊदी अरब क्यों?

ईरान के समर्थन से ये गुट सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के खिलाफ कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहा है. हालांकि, दोनों तरफ से कई बार शांति वार्ता की भी कोशिश हुई है. दोनों के बीच 2022-23 में शांति समझौता भी हुआ था. हालांकि, 2026 में फिर दोनों में तनाव पैदा हो गया. हूदी विद्रोहियों ने दोबारा से सऊदी अरब पर हमले करने शुरू कर दिए.

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बताया जाता है कि पहले यह गुट ईरान से हथियार लेता था, अब यह यमन में ही हथियार तैयार कर रहा है. यमन सरकार का साथ देने की वजह से हूती विद्रोही सऊदी को अपना दुश्मन मानते हैं. इसी वजह से वह लगातार सऊदी अरब पर हमले कर रहा है.

यह भी पढ़ें : हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दबोची सऊदी अरब की ‘गर्दन’, पेरिम द्वीप पर किया कब्जा, अरामको की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त

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कहां से चल रही यमन सरकार?

2014 में हूतियों ने यमन की सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था. उस वक्त इन विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर भी कब्जा कर लिया था. ऐसे में अदन को अंतरिम राजधानी बना दिया गया है. अब यमन की सरकार अदन से ही काम करती है.

अभी यमन सरकार के प्रमुख रशाद अल-अलीमी हैं. अल-अलीमी ने साल 2022 में सत्ता संभाली थी. इनसे पहले यमन की सरकार राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी चला रहे थे. हादी और हूतियों के बीच संबंध बहुत तनावपूर्ण थे.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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