Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Explainer

क्या है ‘खर्ग द्वीप’… जिसके जरिए ईरान को घुटनों पर लाएगा US? ट्रंप के इस ‘मास्टरप्लान’ का क्या होगा दुनिया में असर

फारस की खाड़ी में यह एक छोटा ईरानी द्वीप है. ये ईरान के तट से करीब 25-30 किलोमीटर दूर है. खर्ग द्वीप ईरान की इकॉनमी में एक बड़ी भूमिका निभाता है. यह ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल के रूप में काम करता है.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Mar 9, 2026 18:14
जंग के दौरान खर्ग द्वीप अब तक सीधे हमलों से बचा रहा.

अमेरिका और इजरायल ईरान के मिसाइल और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन फारस की खाड़ी में एक छोटा सा द्वीप अब भी अछूता है. यह खर्ग द्वीप है – जो ईरान की इकॉनमी की रीढ़ है, इसके जरिए ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट होता है. इस पर अभी अमेरिका और इजरायल ने हमला नहीं किया. लेकिन इस बीच कुछ रिपोर्ट्स आई हैं, जिनके मुताबिक, अब डोनाल्ड ट्रंप की नजर इस द्वीप पर गई है. क्या ट्रंप खर्ग द्वीप पर कब्जा करके ईरान को घुटनों पर लाने का अंतिम दांव चलने की सोच रहे हैं? लेकिन सवाल यह भी है कि अगर अमेरिका इस पर हमला करता है तो ग्लोबल ऑयल मार्केट में कितना बड़ा संकट आएगा.

एक्सियोस (Axios) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप द्वीप के आसपास मिलिट्री एक्शन पर विचार कर रहे हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : Cluster Bomb: कितने खतरनाक हैं क्लस्टर बम, क्या हैं इस्तेमाल करने के नियम और बनाने में कितना खर्चा आता?

कहां है ये द्वीप?

फारस की खाड़ी में यह एक छोटा ईरानी द्वीप है. ये ईरान के तट से करीब 25-30 किलोमीटर दूर है. खर्ग द्वीप ईरान की इकॉनमी में एक बड़ी भूमिका निभाता है. यह ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल के रूप में काम करता है. यहां से ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट का करीब 90 फीसदी हिस्सा सप्लाई होता है. इसके लोडिंग टर्मिनल रोजाना करीब सात मिलियन बैरल तेल संभाल सकते हैं. खर्ग ईरानी एनर्जी एक्सपोर्ट की रीढ़ और ईरानी ऑयल फील्ड्स और ग्लोबल मार्केट के बीच एक प्रमुख कड़ी माना जाता है. इसे ईरान की ‘तिजोरी’ माना जाता है, क्योंकि वहां की इकॉनमी में इसकी अहम भूमिका है.

---विज्ञापन---

क्या होगा इसका असर?

ईरान युद्ध में पूरे देश में परमाणु ठिकाने, मिसाइल बेस और मिलिट्री इंफ्रा को निशाना बनाया गया. लेकिन, खर्ग द्वीप जैसे एनर्जी इंफ्रा को नहीं छुआ गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस पर हमला करने या नुकसान पहुंचाने से ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट पर बड़ा नुकसान पहुंचेगा. इसके साथ ही पूरे विश्व में तेल की कीमतों में काफी इजाफा हो सकता है. क्योंकि अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज का रूट बंद कर रखा है, जो इसके करीब ही स्थित है. ऐसे में पहले ही दूसरे देशों में तेल का संकट पैदा होने के कगार पर है.

यह भी पढ़ें : Explainer : युद्ध के बीच बंद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा ‘ऑयल रूट’, भारत में LPG पर संकट; मोदी सरकार के पास क्या है ‘प्लान-B’?

अब क्यों ट्रंप के निशाने पर?

बताया जा रहा है कि ट्रंप युद्ध को जारी रखने की ईरान की क्षमता को कमजोर करने के लिए इस द्वीप पर निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं. रिपोर्ट्स में कुछ अधिकारियों और एक्सपर्ट्स ने संभावना जताई है कि अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है या फिर उसे तबाह भी कर सकता है. इस पर निशाने से ईरान की ताकत कम हो जाएगी. इससे जारी जंग के बीच ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

यह भी पढ़ें : क्या हैं Rare Earth Elements, कौन-सी चीजें बनती इनसे, दुनिया में किस-किस के पास है भंडार, भारत के पास कितना स्टॉक?

क्यों रहा अछूता?

जंग के दौरान खर्ग द्वीप अब तक सीधे हमलों से बचा रहा. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ऐसा फैसला जानबूझकर लिया गया. अगर द्वीप के एक्सपोर्ट इंफ्रा को तबाह किया जाता है तो उसका सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ेगा. इससे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और ईरान में सरकार परिवर्तन की हालत में पुनर्निर्माण में मुश्किल हो सकती है. हो सकता है कि अमेरिका और इजरायल की अभी तक ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं कम करने की रणनीति रही हो.

First published on: Mar 09, 2026 06:13 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.